Big Breaking:-सावधान! इस बार चारधाम आने वाले भक्तों का बढ़ेगा जोखिम, रास्ते में पड़ेंगे 70 लैंड स्लाइड जोन

इस वर्ष चारधाम यात्रा 70 भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जिससे जोखिम बढ़ सकता है। पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

देहरादून। विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष एक बार फिर प्राकृतिक चुनौतियों के बीच होने जा रही है। राज्य आपदा प्रबंधन व संबंधित एजेंसियों के अनुसार यात्रा मार्ग पर लगभग 70 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जो भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं।

इन स्थानों से होकर श्रद्धालुओं को गुजरना होगा, जिससे यात्रा के दौरान जोखिम बढ़ने की संभावना बन सकती है। ऐसे में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र व नोडल अधिकारी चारधाम यात्रा राजीव स्वरूप ने उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, पौड़ी व रुद्रप्रयाग जिलों के एसएसपी व एसपी भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट मांगी है। वहीं चारधाम यात्रा की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम में दो सीओ की नियुक्ति की गई है।

चारधाम यात्रा, जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम शामिल हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं। बदलते मौसम के कारण यह यात्रा हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है। इस बार भी प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में खासतौर पर यमुनोत्री और केदारनाथ मार्ग अधिक संवेदनशील माने गए हैं। यहां बारिश के दौरान अक्सर मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती हैं। इसके अलावा बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे पर भी कई ऐसे प्वाइंट हैं, जहां सड़क संकरी होने और पहाड़ कटाव के कारण खतरा बना रहता है।

यात्रा 15 सुपर जोन, 41 जोन 137 सेक्टर में विभाजित

चारधाम यात्रा को सुरक्षित संचालित किए जाने के लिए इस वर्ष पूरे चारधाम मार्ग को 15 सुपर जोन, 41 जोन व 137 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर का क्षेत्र 10 किलोमीटर रहेगा तथा इन सेक्टरों में दो-दो कांस्टेबल राउंड द क्लाक ड्यूटी पर नियुक्त रहेंगे।

सुरक्षा की दृष्टि से 10 कंपनियां पैरा मिलिट्री फोर्स के अलावा पीएसी फोर्स व नागरिक पुलिस फोर्स तैनात किया जाएगा। नये एक्सप्रेस वे के शुरू होने पर यमुनोत्री मार्ग पर अतिरिक्त हाल्टिंग क्षेत्रों और पार्किंग की व्यवस्था प्रशासन के साथ समन्वय से की जा रही है।

एसडीआरएफ व थानाध्यक्षों की अहम जिम्मेदारी

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं बनाने के लिए एसडीआरएफ व थानाध्यक्षों को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह ऊर्जा निगम, लोक निर्माण विभाग, बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन व जल संस्थान से समन्वय बनाकर रखेंगे।

आपदा की घटना को देखते हुए तत्काल सुरक्षा व्यवस्था शुरू की जाएगी। 2025 चारधाम यात्रा के दौरान बिजली लाइन टूटने के कारण आपातकालीन स्थिति में जनरेटर से व्यवस्था करनी पड़ी थी। यह समस्या दोबारा सामने न आए, ऐसे में सभा विभागों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है।

चारधाम यात्रा इस बार लंबी चलने की संभावना है, जिसके चलते श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। नागरिक पुलिस के साथ अतिरिक्त पीएसी व पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की जाएगी। इसके अलावा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ व थानाध्यक्षों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यात्रा रूटों पर व्यवस्था संबंधी सभी जिलों के एसएसपी व एसपी से 31 मार्च तक पूरी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। – राजीव स्वरूप, आइजी गढ़वाल परिक्षेत्र व नोडल अधिकारी चारधाम यात्रा

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