
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी भ्रामक खबरों पर मानहानि की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनके चरित्र हनन का प्रयास करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौतम ने चुनौती दी कि यदि उनके खिलाफ कोई भी साक्ष्य सत्य साबित हुआ तो वे राजनीतिक जीवन से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने शासन को जांच के लिए पत्र भी लिखा है।
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर इंटरनेट मीडिया में लगातार चल रही चर्चाओं के बीच भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम अपना पक्ष रखने के लिए आगे आए।
उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो व्यक्ति उनके विरुद्ध असत्य व भ्रामक प्रचार और चरित्र हनन का प्रयास कर रहा है, उस पर मानहानि की कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके विरुद्ध कोई साक्ष्य पेश करता है अथवा एक भी बात सत्य हुई तो वह सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों से संन्यास ले लेंगे।
शुक्रवार को एक वीडियो बयान जारी कर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि वह राजनीति, धार्मिक व सामाजिक जीवन में 47 वर्ष से लगातार काम कर रहे हैं।
उन्होंने हमेशा नैतिक मूल्यों, भाजपा की प्रामाणिकता को, समाज में रहने वाली बहन-बेटी की इज्जत को सर्वोपरि रखा है। कभी भी चरित्र को लेकर अंगुली नहीं उठाई गई। आज गलत प्रवृति के कुछ लोग उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये बात जहां से शुरू हुई, उसकी जांच होनी चाहिए और उसकी प्रामाणिकता देखी जानी चाहिए। वह सभी चीजों के लिए तैयार हैं। जो भी लोग भ्रम फैलाने व उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, उन सबकी जांच की जाएगी। इसके लिए उन्होंने शासन को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने यह किया है, उस पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी और मानहानि का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में यदि सबूत के साथ पेश करेंगे तो वह अपने राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिक जीवन से संन्यास ले लेंगे।
उन्होंने कहा कि एक षडयंत्र के तहत हमारी बेटी का बार-बार नाम लेकर अपमान किया जा रहा है, ये सभी मां-बहन व बेटियों का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में उनका जो मान गिराया गया है, उसके विरुद्ध वह कार्रवाई करने वाले हैं।







