Big Breaking:-इजरायल में पीएम मोदी की पोशाक में दिखी ब्रह्मकमल टोपी, फिर चर्चा में उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इजराइल दौरे पर ब्रह्मकमल टोपी पहनने से यह फिर चर्चा में है। 2022 गणतंत्र दिवस पर भी उन्होंने इसे पहना था, जिससे यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान बन गई है।

देहरादून। इजराइल दौरे में प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी की पोशाक में शामिल होने से उत्तराखंड की ब्रह्मकमल टोपी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

इससे पूर्व वर्ष 2022 के गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रह्मकमल पहाड़ी टोपी धारण की थी, तब से यह पहाड़ी टोपी देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान बन गई है।

प्रधानमंत्री मोदी का देवभूमि उत्तराखंड से खास लगाव है और वह ब्रह्मकमल पहाड़ी टोपी के जरिये अपने जुड़ाव का संदेश अक्सर देते रहते हैं।

इजराइल में पीएम मोदी के पहाड़ी ब्रह्मकमल टोपी को धारण करने से इसके डिजाइनर समीर शुक्ला बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि इस टोपी का निर्माण मसूरी में किया गया।

वर्ष 2017 में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस (नौ नवंबर) पर इसे औपचारिक रूप से लांच किया गया था। शुक्ला बताते हैं कि उन्होंने सभी हिमालयी राज्यों की यात्राओं के दौरान महसूस किया कि उत्तराखंड का अपना कोई सर्वमान्य पारंपरिक शीशवस्त्र नहीं है, जिसे देखकर यहां के स्थानीय व्यक्तियों को पहचाना जा सके।

इसी सोच के साथ उन्होंने ऐसी टोपी तैयार की, जो परंपरा और आधुनिकता का संगम हो।

ब्रह्मकमल पवित्रता और शुभता का प्रतीक

टोपी में राज्य पुष्प ब्रह्मकमल का प्रतीक अंकित किया गया है। ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राज्य पुष्प और देवपुष्प है। केदारनाथ में भगवान शिव की पूजा में इस पुष्प का विशेष महत्व है।

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