
केंद्र सरकार ने हल्द्वानी-अल्मोड़ा ग्रीन फील्ड हाईवे को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना कुमाऊं की यात्रा को आसान बनाएगी, जिससे हल्द्वानी से अल्मोड़ा की दूरी मात्र दो घंटे में तय हो सकेगी। इससे भीमताल और कैंची धाम जैसे क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा,
सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जल्द ही इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
अल्मोड़ा। कुमाऊं अंचल के लिए बड़ी सौगात के रूप में हल्द्वानी से अल्मोड़ा तक ग्रीन फील्ड हाईवे के निर्माण को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से पहाड़ों की कठिन और समय लेने वाले यात्रा आसान हो जाएगी।
हाईवे निर्माण के बाद हल्द्वानी से अल्मोड़ा की यात्रा महज दो घंटे में तय की जा सकेगी। जल्द इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
वर्तमान में कुमाऊं के प्रवेश द्वार से अल्मोड़ा तक यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। संकरे मार्ग, बढ़ती आबादी और पर्यटकों की भीड़ के कारण जगह-जगह जाम लगना आम हो गया है। जाम की सबसे अधिक परेशानी भीमताल व कैंची धाम को लेकर है।
इसकी वजह से पांच घंटे में हल्द्वानी-अल्मोड़ा तक की यात्रा पूरी हो पाती है। इसे देखते हुए अब हल्द्वानी से अल्मोड़ा तक ग्रीन फील्ड हाईवे तैयार किए जाने की योजना पर कार्य होने लगा है।
राज्यवार हुई समीक्षा बैठक
नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की राज्यवार समीक्षा बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा में प्रदेश की सड़कों को लेकर चर्चा हुई।
इस दौरान उत्तराखंड के सीमांत जिलों को जोड़ने के लिए ग्रीन फील्ड हाईवे को मंजूरी दी गई है। यह सड़क हल्द्वानी से भवाली तक डबल लेन बनेगी।
जाम वाले स्थान गुलाब घाटी में डबल लेन के साथ एलिवेटेड पुल भी प्रस्तावित है। भीमताल के टाप पर सड़क निकाली जाएगी।
इसके बाद रामगढ़-मुक्तेश्वर होते हुए मौना-लाट-सरसों तक सड़क पहुंचाई जाएगी। ग्रीन फील्ड हाईवे व सड़क के साथ पहाड़ी मार्गों की दूरी कम करने के लिए जगह-जगह टनल बनाए जाने का भी प्रस्ताव है।
भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही डीपीआर तैयार करने का कार्य शुरु कर दिया जाएगा। इसमें ड्रोन सर्वे भी कराया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना आए।
सीमांत क्षेत्र को देखते हुए ग्रीन फील्ड हाईवे को मंजूरी मिली है। जल्द ही सड़क निर्माण के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बनने से यातायात सुगम होगा। सीमांत जिलों से कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। – अजय टम्टा, केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री, भारत सरकार









