Big Breaking:-सीएम धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय, सीट पाने को देनी होगी ‘अग्नि परीक्षा’

उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय हल्द्वानी में जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा। मुख्यमंत्री धामी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट आसान नहीं होगा, क्योंकि इसमें शारीरिक दक्षता,

लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद ही मेरिट बनेगी। शुरुआत में बीपीएड, स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स प्रबंधन जैसे कोर्स उपलब्ध होंगे। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को प्रवेश में कुछ छूट मिलेगी।

हल्द्वानी। खेल संबंधित विषयों की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए नए साल में प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय उपहार स्वरूप मिल सकता है। खेल विवि के कार्यालय का ढांचा तैयार होने के बाद अब इसमें जुलाई से विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर मंथन चल रहा है।

हालांकि खेल विवि में प्रवेश लेना इतना आसान नहीं होगा। इसमें प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता (दौड़), लिखित परीक्षा के साथ ही साक्षात्कार भी देना होगा। इसके बाद सीट के लिए मेरिट निकाली जाएगी। मेरिट के आधार पर इसमें प्रवेश मिलेंगे।

उत्तराखंड में प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। बीत वर्ष से ही उम्मीद लगाई गई है कि वर्ष 2026 में युवाओं को खेल विश्वविद्यालय की सौगात मिल जाएगी।

माना जा रहा है कि फरवरी या मार्च में इसका शिलान्यास भी कर दिया जाएगा। गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर के क्रिकेट मैदान के पवेलियन में अस्थायी रूप से खेल विवि का ढांचा तैयार हो गया है। जिसमें कुलपति, रजिस्ट्रार, फाइनेंस कंट्रोलर का कार्यालय बन चुका है।

खेल विवि के 200 बेड के हास्टल व खेल मैदान के लिए वन विभाग की 12.317 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। जुलाई से इसमें प्रवेश शुरू करने की तैयारी है। खेल विवि में पहले बीपीएड, स्पोर्ट्स साइंस, स्पोर्ट्स प्रबंधन आदि कोर्स संचालित किए जाएंगे।

इन कोर्सों को संचालित करने के लिए एनसीटीई (नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन) की अनुमति के लिए आवेदन किया गया है। इसके बाद यह कोर्स इसमें संचालित किए जाएंगे। इन कोर्सों में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा में खेल से संबंधित सामान्य प्रश्न पूछे जाएंगे। विभिन्न कोर्सों की सीट के लिए मेरिट लिस्ट निकाली जाएगी। हालांकि एक तरह से स्पोर्ट्स छात्रावास व स्पोर्ट्स कालेज में प्रवेश प्रक्रिया जैसा माड्यूल रखा गया है।

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के खिलाड़ियों को मिलेगी छूट

बीपीएड, डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग समेत अन्य कोर्स की पढ़ाई करने के लिए मेरिट में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के खिलाड़ियों को थोड़ी छूट मिलेगी।

वहीं बीपीएड की पढ़ाई करने के बाद अभ्यर्थी किसी भी स्कूल में कोच बन सकता है। खेल विवि के मैदान में 50 मीटर शूटिंग रेंज, वालीबाल, बास्केटबाल, हैंडबाल खेल का भी कोर्ट तैयार किया जाएगा।

जुलाई में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद अगस्त से खेल विश्वविद्यालय में कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे। लेक्चर हाल, कंप्यूटर लैब भी बनाई जा रही है। कोर्स शुरू करने के लिए एनसीटीई से अनुमति मांगी जा रही है।

खेल विवि की स्थापना के बाद युवाओं को दूसरे राज्य में डिप्लोमा कोर्स, ग्रेजुएशन करने के लिए दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। – अमित सिन्हा, कुलपति, खेल विश्वविद्यालय

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