
सितारगंज केंद्रीय कारागार में बंद आनंद सिंह नामक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)। केंद्रीय कारागार सितारगंज में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।
तबीयत बिगड़ने पर उसे उप जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्वजन ने कैदी की मौत पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
सोनीपत (हरियाणा) निवासी 50 वर्षीय आनंद सिंह को 11 सितंबर 2025 को नैनीताल हाई कोर्ट ने एनडीपीएस मामले में चार साल की सजा सुनाई थी।
29 सितंबर को आनंद सिंह के लिए केंद्रीय कारागार सितारगंज लाया गया। तभी से वह यहां सजा पूरी कर रहा था।
सोमवार दोपहर उसे लो ब्लड प्रेशर और एसिडिटी की शिकायत हुई, जिस पर जेल में तैनात फार्मासिस्ट ने उसे प्राथमिक उपचार दिया।
बताया जा रहा है कि देर रात अचानक उसकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे आनन-फानन में उप जिला चिकित्सालय सितारगंज लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर मंगलवार को स्वजन अस्पताल पहुंचे। तहसीलदार हिमांशु जोशी ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया।
सूचना पर आनंद सिंह का भाई सितारगंज पहुंचा। उसका कहना है कि सोमवार को ही उनकी आनंद सिंह से बात हुई थी और उस समय वह पूरी तरह स्वस्थ था।
उनका दावा है कि उसे किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं थी और न ही उसका कोई इलाज चल रहा था।
स्वजन ने मृतक के शरीर पर लाल निशान होने की बात कहते हुए उसकी मौत को संदिग्ध बताया है। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इधर, उप जिला चिकित्सालय के एमएस डा. कुलदीप यादव ने बताया कि कैदी को सोमवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। शरीर पर लाल निशान नहीं थे। फिर भी स्वजन अगर आशंका जता रहे हैं तो पोस्टमार्टम होने पर सही रिपोर्ट सामने आ जाएगी।









