
नगर निगम देहरादून ने भवन करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए 20% अतिरिक्त छूट की अवधि 15 फरवरी 2026 तक बढ़ा दी है। इसके बाद कोई छूट नहीं मिलेगी और बकायेदारों से 12% वार्षिक ब्याज के साथ वसूली होगी।
निगम ने 2025-26 के लिए 75 करोड़ का लक्ष्य रखा है और वसूली अभियान तेज कर दिया है, जिसमें नए निर्माणों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। महापौर ने नागरिकों से छूट का लाभ उठाने की अपील की है।
देहरादून। नगर निगम ने भवन करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए 20 प्रतिशत अतिरिक्त छूट की अवधि 15 फरवरी 2026 तक बढ़ा दी है।
इसके बाद कर भुगतान पर किसी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी और बकायेदारों से 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वसूली की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में अब महज दो माह शेष हैं। ऐसे में नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने के लिए वसूली अभियान को तेज कर दिया है।
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 75 करोड़ रुपये कर प्राप्ति का लक्ष्य तय किया है। कर अनुभाग की ओर से अब तक करीब 42 करोड़ की वसूली की जा चुकी है, जो 20 प्रतिशत छूट देने के बाद प्राप्त हुई है।
शेष लक्ष्य को हासिल करने के लिए फरवरी और मार्च में विशेष अभियान चलाया जाएगा, क्योंकि आमतौर पर इसी अवधि में सर्वाधिक राजस्व प्राप्त होता है। कर वसूली को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम के सभी जोनल कार्यालयों और वार्ड स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं।
बकायेदारों की सूची तैयार कर उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही वाट्सएप के माध्यम से करदाताओं को लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं, ताकि समय रहते भवन कर जमा कराया जा सके।
नगर निगम नए निर्माणों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कर वसूली पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। एमडीडीए से पिछले तीन वर्षों में स्वीकृत नक्शों का रिकार्ड प्राप्त किया गया है, जिसमें नगर निगम क्षेत्र में करीब 1500 नए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निर्माण का खुलासा हुआ है।
इन सभी को स्वमूल्यांकन कराने और कर भुगतान के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। अब तक लगभग 500 प्रतिष्ठानों से संपर्क किया जा चुका है।
नगर आयुक्त नमामी बंसल ने कर अनुभाग को पूरी ताकत के साथ राजस्व वसूली तेज करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि करदाता समय रहते छूट का लाभ उठाएं, तो निगम को लक्ष्य हासिल करने में आसानी होगी और नागरिकों को भी ब्याज के बोझ से बचाया जा सकेगा।
बकायेदारों की सूची होगी तैयार
नगर निगम अंतिम तिमाही में बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने में जुट गया है। जल्द ही ऐसे बकायेदारों को नोटिस भेजे जाएंगे। जिसके बाद दो सप्ताह के भीतर भुगतान न करने पर अंतिम नोटिस थमा कर पेनाल्टी लगाई जाएगी।
वहीं, नए व्यावसायिक निर्माण भी चिह्नित कर लिए गए हैं और उन्हें भी कर भुगतान को कहा गया है। स्वमूल्यांकन न कराने वाले प्रतिष्ठानों पर नगर निगम की टीम खुद संपर्क साधेगी।
नगर निगम का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि शहर के विकास कार्यों को और गति देना है। भवन कर से प्राप्त धनराशि से सड़क, जल निकासी, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर किया जाता है। मैं सभी करदाताओं से अपील करता हूं कि वे 15 फरवरी से पहले भवन कर जमा कर 20 प्रतिशत छूट का लाभ उठाएं और नगर विकास में सहभागी बनें।
सौरभ थपलियाल, महापौर, देहरादून









