
देहरादून के मच्छी बाजार में एक युवती की हत्या के बाद इलाके में तनाव फैल गया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस और स्थानीय दुकानदारों का विरोध किया, जिससे अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
लोगों ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए, क्योंकि पहले भी शिकायत की गई थी। एसएसपी ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। हत्या का आरोपी आकाश था, जो युवती के बात न करने से नाराज था।
देहरादून। मच्छी बाजार में हुई दिल दहलाने वाली हत्या की घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। भारी भीड़ एकत्र हुई तो पुलिस को अतिरिक्त फोर्स तैनात करना पड़ा।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार, सीओ स्वपनिल मुयाल और शहर कोतवाल हरिओम चौहान मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें भी विरोध का सामना करना पड़ा।
विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि जब गुंजन ने 31 जनवरी को घटना के बारे में खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी को बता दिया था तो पुलिस ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया। यदि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेती तो गुंजन शायद आज जिंदा होती।
लोगों का विरोध यहीं कम नहीं हुआ, उन्होंने स्थानीय दुकानदारों को भी खूब खरी-खोटी सुनाई। कहा कि आरोपित सरेआम इतनी बड़ी घटना को करके चुपचाप निकल गया, किसी ने उसे पकड़ने का प्रयास क्यों नहीं किया।
घटना से गुस्साए लोगों ने जहां पुलिस के विरोध में नारे लगाए, वहीं दुकानें भी बंद करवा दीं। उन्होंने दोपहर बाद तक पलटन बाजार व उसके आसपास कोई भी दुकान नहीं खुलने दीं। कुछ दुकानदारों ने जब दुकानें खोलने का प्रयास किया तो उनकी दुकानें जबरन बंद कराईं। कुछ जगहों पर इसको लेकर झड़प भी हुई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय सिंह शहर कोतवाली पहुंचे तो बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंच गए। उन्होंने मांग की कि आरोपित को सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए।
एसएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपित के विरुद्ध सभी साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे और पूरे मामले को न्यायालय में मजबूती के साथ पेश किया जाएगा। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और वह दोबारा घटनास्थल पर पहुंच गए।
एक बार पहले भी हो चुका था समझौता
लंबे समय तक दोस्त रहे गुंजन व आकाश के बीच विवाद तब बढ़ने लगा, जब गुंजन ने उससे बात करनी बंद कर दी। आकाश विवाहित है और उसका एक बेटा भी है। यही कारण है कि गुंजन उससे बात नहीं करना चाहती थी।
इसी बात को लेकर आकाश के घर में कलह शुरू हो गया और वह युवती से नाराज रहने लगा। दोनों के बीच पूर्व में भी विवाद हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों ने खुड़बुड़ा चौकी में समझौता किया था।
आरोपित का गुस्सा अंदर-अंदर ही अंदर बढ़ता जा रहा था, जिसके चलते उसने दिल दहलाने वाली घटना को अंजाम दिया।









