
ऋषिकेश में खाद्य विभाग ने राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना के तहत 2500 से अधिक अपात्र परिवारों के राशन कार्ड रद्द किए हैं। ये परिवार महंगी कारों और बंगलों के मालिक होने के बावजूद गरीबों के हक का राशन ले रहे थे।
सत्यापन अभियान में इनकी वार्षिक आय 15,000 रुपये से अधिक पाई गई। अब इन रिक्त हुई यूनिटों पर दिव्यांग, विधवा और निराश्रित वृद्धजनों जैसे अति जरूरतमंदों को प्राथमिकता दी जाएगी।
ऋषिकेेश: महंगे कार व बंगले वाले अपात्र परिवार, गरीबों के हक का राशन डकार रहे हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ऋषिकेश ने राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना (एनएफएसवाइ) योजना के तहत जारी राशन कार्डों के सत्यापन में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है।
2500 से ज्यादा अपात्र परिवार सफेद राशन कार्ड (एनएफएसवाइ) का लाभ ले रहे थे। विभाग ने सभी अपात्रों को चिह्नित कर कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई की है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निरीक्षक ऋषिकेश सुनील देवली के नेतृत्व में विभागीय टीम ने ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र, श्यामपुर, रायवाला व छिद्दरवाला व आस-पास के सभी क्षेत्रों में सफेद राशन कार्डों का सत्यापन किया।
इसमें राशन विक्रेताओं की मदद से उनके क्षेत्र में कार्डधारकों की पारिवारिक आय व आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई गई। यह भी जांचा गया कि कौन-कौन से राशन कार्ड लंबे समय से सक्रिय नहीं हैं।
विभागीय टीम ने अपात्र परिवारों को चिह्नित कर सूची तैयार की है, जिसमें कुल 2567 कार्डधारक शामिल हैं। इनमें डुप्लीकेसी व कई अन्य कारण भी शामिल हैं। विभागीय कार्रवाई से अपात्र परिवारों में हड़कंप नजर आ रहा है।
विभाग के अनुसार, सभी अपात्र परिवार राशन कार्ड को पहचान प्रमाण-पत्र के रूप में रख रहे थे, जबकि करीब 40 प्रतिशत से ज्यादा लोग सरकारी राशन भी ले जा रहे थे।
यह है योजना
केंद्र सरकार की ओर से जरूरतमंद परिवारों को दो समय का पौष्टिक भोजन मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना (एनएफएसवाइ) संचालित की है, जिसमें प्रत्येक राशन कार्ड में परिवार के प्रत्येक सदस्य को पांच-पांच किलो राशन वितरित किया जाता है।
इस योजना का लाभ अधिकतम 15 हजार रुपये वार्षिक पारिवारिक आय वालों को दिया जाता है। 15 हजार रुपये से अधिक आय वाले इस योजना के लिए अपात्र हैं।
अब अति जरूरतमंदों को मिलेगी प्राथमिकता
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ऋषिकेश कार्यालय के अंतर्गत सफेद कार्ड निरस्त होने के बाद विभाग ने खाली हुई यूनिटों में अति जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ देना शुरू कर दिया है।
निरीक्षक सुनील देवली ने बताया कि नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब सर्वप्रथम दिव्यांग, मानसिक अस्वस्थ, निराश्रित वृद्धजन, विधवा आदि श्रेणी के जरूरतमंद लोगों को राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।
राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य हर अति जरूरतमंद परिवार को खाद्यान्न मुहैया कराना है। कई अपात्र परिवारों ने अपनी वास्तविक आय छिपाकर गलत तरीके से इस योजना के तहत सफेद राशन कार्ड बनाए थे,
जिन्हें सत्यापन के दौरान चिह्नित कर निरस्त किया है। इनमें कई परिवार अति समृद्ध परिवार से थे। इस योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद को मिले, इसके लिए समय-समय पर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
सुनील देवली, निरीक्षक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ऋषिकेश।









