Big Breaking:-कैबिनेट मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उग्र प्रदर्शन, थाने में देर रात तक हंगामा

महिला कांग्रेस ने देहरादून के डालनवाला थाने में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार की महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कार्यकर्ताओं ने साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की। पू

र्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी धरने में शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया, लेकिन वे वापस लौट आए और देर रात तक आंदोलन जारी रखा, कार्रवाई न होने तक जारी रखने की चेतावनी दी।

देहरादून: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ महिला कांग्रेस का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है।

साहू की ओर से एक कार्यक्रम में बिहार की महिलाओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में महिला कांग्रेस ने सोमवार को डालनवाला थाने में जोरदार प्रदर्शन किया।

महिला कांग्रेस की मांग है कि गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।

सोमवार दोपहर करीब 12 बजे महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता डालनवाला थाने पहुंचीं।

यहां उन्होंने साहू के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए नारेबाजी की और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने शिकायत लेकर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन आक्रोशित कांग्रेसी संतुष्ट नहीं हुए और थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए।

स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्हें पुलिस वैन के माध्यम से पुलिस लाइन भेज दिया गया। इसके बावजूद महिला कांग्रेस कार्यकर्ता फिर से थाने पहुंच गईं और दोबारा नारेबाजी शुरू कर दी।

घंटों चले हंगामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वैन से ऋषिकेश छोड़ दिया, लेकिन वहां से भी कांग्रेसी वापस डालनवाला थाने पहुंच गए। देर शाम तक चले इस हंगामे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत भी डालनवाला थाने पहुंचे और महिला कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए।

रात गहराने के साथ ही कांग्रेसियों ने थाना परिसर में अलाव जलाकर वहीं डेरा डाल लिया और देर रात तक धरना-प्रदर्शन जारी रखा।

महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।

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