Big Breaking:-फूलों की घाटी से सटे जंगल में आग हुई विकराल, IAF से मांगी मदद

ये आग नंदा देवी नेशनल पार्क के फूलों की घाटी क्षेत्र में स्थित पैंखंडा के जंगलों में लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर लगी है। क्षेत्र काफी दुर्गम है और एसडीआरएफ और वनकर्मी वहां नहीं पहुंच सकते हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले के फूलों की घाटी से सटे जंगल में लगी आग बीते पांच दिनों से काफी मशक्कत के बाद भी बुझाई न जा सकी है। वन विभाग के कर्मचारी बीते चार दिनों से लगातार प्रयास कर रहे थे।

ऐसे में अब उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने इंडियन एयर फोर्स की मदद मांगी है। डीएम चमोली ने आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र लिखकर कहा है कि आग पर काबू पाने के लिए इंडियन एयर फोर्स की मदद ली जाए।

ये आग नंदा देवी नेशनल पार्क के फूलों की घाटी क्षेत्र में स्थित पैंखंडा के जंगलों में लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर लगी है। क्षेत्र काफी दुर्गम है और एसडीआरएफ और वनकर्मी वहां नहीं पहुंच सकते हैं।

बद्रीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एस. के दुबे ने बताया कि आग पर काबू पाने की कोशिश की गई लेकिन हम विफल रहे। आग को मैन्युअल रूप से बुझाना संभव नहीं, क्योंकि इसके लिए बड़ी संख्या में कर्मियों की जरूरत होगी और यह क्षेत्र बेहद दुर्गम है।’

9 जनवरी को लगी थी आग

वहीं उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने पुष्टि करते हुए कहा कि विभाग ने जंगल की आग बुझाने के लिए इंडियन एयरफोर्स से मदद मांगी है। आपको बता दें कि ये आग 9 जनवरी को लगी थी और बीते पांच दिन में विकराल रूप ले चुकी है।

क्षेत्र में पेड़ों और गिरते पत्थर बड़ी चुनौती है जिससे वन विभाग के कर्मचारियों को भी जान का खतरा था। आग लगने का कारण चट्टानों से गिरे पत्थरों के टकराने से निकली चिंगारियों को माना जा रहा है।

उत्तराखंड में पिछले लंबे समय से बारिश नहीं हुई है। नवंबर दिसंबर में बारिश नहीं हुई तो जनवरी के 13 दिन भी बिना बारिश के निकल गए हैं। ऐसे में जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

आपको बता दें कि जंगलों में आग लगने की घटनाएं आमतौर पर फरवरी से जून तक दर्ज की जाती हैं और मई-जून में इनका प्रकोप चरम पर होता है। उत्तराखंड का वन क्षेत्र 24,303.83 वर्ग किलोमीटर का है, जो राज्य के भौगोलिक क्षेत्रफल का 45.44% है।

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