
रानीखेत के कठपुड़िया वन क्षेत्र में वनाग्नि थम नहीं रही है। कुरचौन वन पंचायत का जंगल अराजक तत्वों ने जला दिया, जिससे आग आबादी तक पहुंच गई और हड़कंप मच गया। लाखों की वन संपदा, जिसमें काफल और बांज जैसे बहुपयोगी पेड़ शामिल थे,
जलकर राख हो गई। वाहन सवार द्वारा फेंकी गई जलती सिगरेट से आग लगने का अंदेशा है। स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों ने मिलकर आग पर काबू पाया।
रानीखेत। पहाड़ में वनाग्नि थम नहीं रही है। तीन दिन पूर्व कठपुड़िया वन क्षेत्र धधकने के बाद अब बड़े क्षेत्रफल में फैले कुरचौन वन पंचायत का जंगल भी अराजक तत्वों ने जला डाला।
आसमान छूती लपटें आबादी तक पहुंचने से हड़कंप मच गया। अभियान चलाकर लगाए गए काफल, बांज, उतीश आदि बहुपयोगी पेड़ जल गए। लाखों की वन संपदा को नुकसान हुआ है।
मजखाली अल्मोड़ा हाईवे और शीतलाखेत रोड के बीच निचले भूभाग पर बीती मध्यरात्रि जंगल धू धू कर जल उठा।
अंदेशा है कि उधर से गुजर रहे वाहन सवार ने जलती सिगरेट फेंकी, जिससे चिंगारी सुलग गई। देखते ही देखते कुरचौन वन पंचायत आग की चपेट में आ गया।
पूर्व सरपंच दीपक कांडपाल, चंदन बिष्ट आदि ने वन विभाग को सूचना दी। रात्रि करीब पौने दो बजे फायर ब्रिगेड से भी मदद मांगी गई।
आसपास के लोग खुद भी आग बुझाने में जुटे मगर बेकाबू लपटों के आगे सब बेबस नजर आए। इधर रानीखेत से पहुंचे दमकल कर्मियों ने लीडिंग फायरमैन महिपाल सिंह की अगुआई में पानी की बौछार व झाड़ियों की टहनियों से जैसे तैसे आग पर काबू पाया।









