
पूर्व सीएम हरीश रावत ने हरिद्वार जिले में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कांग्रेस में बागियों की वापसी और आंतरिक गुटबाजी के बीच वह पुराने कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं।
रुड़की। हाल के दिनों में कांग्रेस में कुछ बागियों की वापसी और अन्य कई मुद्दों को लेकर इंटरनेट मीडिया पर चर्चाओं में पूर्व सीएम हरीश रावत की अचानक हरिद्वार में सक्रियता बढ़ गई है।
वह लगातार कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच रहे हैं। साथ ही, उनके समर्थक भी लगातार इंटरनेट मीडिया पर उनके पक्ष में बयानबाजी कर रहे हैं।
हरिद्वार जिले में पूर्व सीएम हरदा की अच्छी-खासी पैठ है। वह हरिद्वार लोकसभा सीट से सांसद और केंद्र में मंत्री रह चुके हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री के पद पर ताजपोशी भी हुई। उन्होंने अगले लोकसभा चुनाव में पत्नी को भी इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन वह जीत नहीं सकी।
इसके बाद उनकी बेटी अनपुमा रावत हरिद्वार ग्रामीण से कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानंद को हराकर विधायक बनीं।
इसी बीच पिछले सप्ताह कांग्रेस में कई बागियों के अलावा भाजपा से निष्कासित नेताओं को सदस्यता दिलाई गई है।
कुछ मामलों को लेकर हरीश रावत ने नाराजगी जाहिर की है। तब से कांग्रेस के अंदर ही गुटबाजी चल रही है। इसी बीच हरीश रावत ने हरिद्वार जिले में फिर से सक्रियता बढ़ा दी है।
लक्सर हो या भगवानपुर, रुड़की से लेकर मंगलौर वह सभी जगह कार्यकर्ताओं से जाकर मिल रहे हैं। कहीं पर ईद मिलन समारोह है तो कहीं पर जन्मदिन में जा रहे हैं।
उनकी सक्रियता के साथ ही पुराने कांग्रेसी भी एक बार फिर से जुटना शुरू हो गए हैं।
हालांकि पूर्व सीएम हरीश रावत ने बताया कि वह तो लगातार ही लोगों के बीच में सक्रिय रहते हैं। लगातार उनका संपर्क कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से बना हुआ है।









