
हरिद्वार में गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में प्रज्वलित अखंड ज्योति और माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष में बैरागी कैंप में भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। आज समारोह का उद्घाटन किया गया।
हरिद्वार के शांतिकुंज में अखंड ज्योति और माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी समारोह की शुरुआत हो गई है। उद्घाटन समारोह में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद हैं।
ध्वज वंदन समारोह में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक रूप से खुद को फिर से गढ़ रहा है। एक समय गुलामी की मानसिकता में फंसा भारत अब अपनी सांस्कृतिक मूल्यों और विरासत पर गर्व करता है।






समारोह में देसंविवि के डेढ़ हजार मेधावी होंगे सम्मानित
त्रिवेणी संगम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय के मेधावियों को मेडल भी प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह इसी समारोह में 19 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इसमें कुल डेढ़ हजार विद्यार्थियों को उनकी डिग्री और टॉपरों को मेडल प्रदान किया जाएगा।
पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के साधना के सौ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, अखंड ज्योति और माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी का आयोजन किया जा रहा है। इसी बीच देव संस्कृति विश्वविद्यालय अपना सातवां दीक्षांत भी आयोजित कर रहा है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के साधक इस समारोह के साक्षी बनेंगे। इसमें सर्वाधिक अहम है कि देश-विदेश के करीब 60 हजार साधकों के सामने मेधावियों का सम्मान राष्ट्र के कई चर्चित हस्तियों के हाथों से होगा।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति व समारोह के दल नायक डॉ. चिन्मय पंड्या ने बताया कि दीक्षांत समारोह में लगभग डेढ़ हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट की उपाधियां प्रदान की जाएंगी। यह समारोह भारतीय संस्कृति आधारित उच्च शिक्षा की विशिष्ट पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर आध्यात्मिक संतों के साथ-साथ राज्य के उच्च शिक्षामंत्री धनसिंह रावत सहित अनेक लोग मौजूद रहेंगे।
इसी दिन सायंकाल मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी स्वयंसेवकों का विशाल सम्मेलन भी आयोजित होगा। इसमें सामाजिक, सांस्कृतिक और आत्मिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया जाएगा।









