
रुद्रप्रयाग के जखोली में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पति जसवीर सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया है।
रुद्रप्रयाग। जनपद के जखोली क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुई महिला की संदिग्ध मौत के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पति जसवीर सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराया है।
न्यायालय ने अभियुक्त को तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला 27 अप्रैल 2024 का है, जब त्रिलोक सिंह नेगी ने अपनी पुत्री संगीता की मौत को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी 29 वर्षीय पुत्री, जिसकी शादी वर्ष 2012 में जसवीर सिंह के साथ हुई थी। वह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। पिता ने हत्या की आशंका जताई थी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन विवेचना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या की धारा हटा दी गई और मामला आत्महत्या के लिए उकसाने में परिवर्तित कर दिया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि अभियुक्त द्वारा मृतका को लगातार प्रताड़ित किया जाता था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थी।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त के व्यवहार और प्रताड़ना के कारण ही मृतका को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं बचाव पक्ष ने अभियुक्त को निर्दोष बताते हुए पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देकर राहत की मांग की।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत जेल में बिताई गई अवधि का लाभ मिलेगा।
अभियुक्त को फैसले के खिलाफ 30 दिन के भीतर उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार दिया गया है।









