
उत्तराखंड में अप्रैल 2026 से राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण शुरू होगा, जिसके लिए देहरादून में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा आयोजित इस सर्वेक्षण का उद्देश्य परिवारों की आय के सटीक आंकड़े जुटाना है।
देहरादून। देश मे पहली बार राष्ट्रीय घरेलू आय के आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी इसकी शुरुआत अप्रैल 2026 से की जा रही है। सर्वेक्षण को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकर्य प्रभाग) ने राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण एवं निगमित सेवा क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
भारतीय वन सर्वेक्षण के सभागार में 16 से 18 मार्च 2026 तक चले इस प्रशिक्षण का शुभारंभ उप महानिदेशक एवं क्षेत्रीय प्रमुख केदार नाथ वर्मा ने किया। प्रतिभागियों को सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली, डेटा संग्रहण, सत्यापन और रिपोर्टिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से दी गईं।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण देश में पहली बार व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य परिवारों की आय से संबंधित सटीक और अद्यतन आंकड़े जुटाना है। यह सर्वेक्षण अप्रैल 2026 से शुरू होकर मार्च 2027 तक संचालित किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, चयनित परिवारों के घर-घर जाकर वेतन, कृषि, व्यवसाय, मजदूरी और अन्य स्रोतों से होने वाली आय का डाटा एकत्र किया जाएगा, जिससे देश की वास्तविक आय स्थिति का सटीक आकलन संभव हो सके।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह सर्वेक्षण ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा और नीति निर्माण में उपयोगी साबित होगा।
प्रशिक्षण का संचालन उप निदेशक नीतीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में किया गया। उनके साथ सहायक निदेशक संजय रतुरी और योगेश कुमार, वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी पुष्कर सिंह बिष्ट, अभिषेक सिंघल, अनिमेश मयंक, श्वेता शर्मा और कुलदीप सिंह ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और प्रभावी बताया।









