Big Breaking:-उत्तराखंड में है भारत का अकेला इंटरनेशल स्कीइंग स्लोप, 2011 में हुए थे साउथ एशियन गेम्स

उत्तराखंड में भारत का एकमात्र FIS मान्यता प्राप्त नंदादेवी अंतर्राष्ट्रीय स्कीइंग स्लोप है, जो 1350 मीटर लंबा है। यहां 2011 में साउथ एशियन गेम्स हुए थे और 2019 में इसकी मान्यता 10 साल के लिए बढ़ाई गई।

औली में 10 नंबर टावर के पास एक पुराना स्लोप भी है जहां राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होती हैं। पास के गौरसों बुग्याल में भी प्राकृतिक स्कीइंग ढलानें हैं, जिसके विकास की योजना है।.

गोपेश्वर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली की खूबसूरती शब्दों में बंया नहीं की जा सकती। इसकी बफीर्ली ढलानों में एक जगह नहीं बल्कि कई जगह स्कीइंग के लिए स्वत: ही स्लोप हैं। हालांकि औली में भारत का एक मात्र विश्व स्तरीय नंदादेवी स्लोप के अलावा पुराना 10 नंबर टावर के पास प्रतियोगिताओं के लिए स्कीइंग स्लोप मौजूद है।

औली में विश्व स्तरीय स्कीइंग स्लोप के अलावा भी एक अन्य स्लोप है जिस पर स्कीइंग प्रतियोगिताएं आयोजित होती है। 10 नंबर टावर के पास पुराना स्कीइंग स्लोप है। जिस पर उत्तर प्रदेश के जमाने से स्कीइंग होती रही है। हालांकि वर्ष 2011 में विंटर सेफ गेम्स के दौरान नंदादेवी स्लोप को बनाया गया था।

दक्षिणमुखी नंदादेवी स्लोप 1350 मीटर लंबा व 40 मीटर चौड़ा है। इस स्लोप में खिलाडियों को स्टार्ट प्वांइट तक जाने के लिए स्की लिफ्ट ,चियर लिफ्ट की सुविधा मौजूद है। खास बात तो यह है कि इस स्की स्लोप में कृत्रिम बर्फबारी की बौछार करने के लिए स्नोगन मशीन भी लगी है। हालांकि यह स्नोगन मशीन फिलहाल खराब है।

10 साल के लिए इंटरनेशनल स्लोप की मान्यता बढ़ी

फेंडरेंशन आफ इंटरनेशनल स्कीइंग द्वारा मान्यता प्राप्त इस स्लोप में 2011 में साउथ एशियन गेम्स आयोजित हुए। इस स्लोप की मान्यता फिस द्वारा 10 साल के लिए दी गई थी।

हालांकि फिस के विशेषज्ञों ने निरीक्षण के बाद 2019 में फिर से 10 साल के लिए इस इंटरनेशनल स्लोप की मान्यता बढ़ा दिया था। खासबात तो यह है कि यह भारत देश में एक मात्र इंटरनेशनल मान्यता प्राप्त स्लोप है।

औली में वैसे तो स्कीइंग के लिए हर जगह स्लोप हैं, लेकिन 10 नंबर टावर के पास औली का पुराना स्कीइंग स्लोप भी मौजूद है। उत्तर प्रदेश के जमाने से उत्तराखंड के एक दशक तक इस पर कई नेशनल गेम्स आयेाजित हो चुके हैं। यह स्लोप एक किमी लगभग लंबा है तथा चौड़ाई 40 मीटर से ज्यादा है। इस स्लोप में नेशनल गेम्स आयोजन के लिए पूरी तरह फिट है।

औली से तीन किमी दूर गौरसों बुग्याल तो मानो पूरी तरह स्कीइंग प्रतियोगिताओं के लिए सजा हुआ है। गौरसों में हर जगह स्कीइंग प्रतियोगिता के लिए प्राकृतिक स्लोप मौजूद हैं।

यहां पर एक बार औली में बर्फ की कमी के कारण नेशनल गेम्स किया जा चुके हैं हालांकि गौरसों जाने के लिए तीन किमी पैदल जाना पड़ता है। गौरसों तक पर्यटन विभाग रोपवे का विस्तार करने की कार्ययोजना प्रस्तावित है।

अगर गौरसों तक सुविधाओं का विकास हुआ तो यहां पर विश्व स्तरीय स्कीइंग प्रशिक्षण के साथ प्रतियोगिताएं आसानी से हो सकती है। भारत के स्की कोच अजय भट्ट का कहना है कि गौरसों में शीतकालीन खेलों के प्राकृतिक ढलानें हैं।

यहां पर एक बार नेशनल गेम्स आयोजित हो चुके हैं। कहा कि औली में भी नंदादेवी स्लोप के अलावा 10 नंबर टावर के पास पुराना स्लोप है। जिस पर भी प्रतियोगिता आयोजित होती है। बीते वर्ष इसी स्लोप में नेशनल स्कीइंग प्रतियोगिताएं आयोजित हुई थी।

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