
उत्तराखंड सरकार औद्योगिक निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए लैंडबैंक की तलाश तेज कर रही है। वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने हेतु भूमि की कमी बड़ी बाधा है।
ऊधमसिंह नगर में 1354 एकड़ भूमि औद्योगिक गतिविधियों के लिए स्वीकृत हुई है। देहरादून, हरिद्वार सहित अन्य जिलों में भी लगभग 2000 एकड़ भूमि पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है।
देहरादून। राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग ने लैंडबैंक की तलाश तेज कर दी है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित कर राज्य में नए उद्योग स्थापित किए जाएं,
जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और आर्थिक गतिविधियां मजबूत हों। फिलहाल औद्योगिक भूमि की कमी निवेश के मार्ग में बड़ी बाधा बन रही है, जिसे दूर करने के लिए विभिन्न जिलों में संभावित औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान की जा रही है।
वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान राज्य में 1778 एमओयू हस्ताक्षरित हुए थे, जिनके तहत लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंडिंग प्रस्तावित है। इनमें से करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।
शेष निवेश को धरातल पर उतारने के लिए पर्याप्त और उपयुक्त भूमि की उपलब्धता आवश्यक मानी जा रही है। लैंडबैंक तैयार होने से उद्योगों को शीघ्र भूमि आवंटन संभव होगा और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
ऊधमसिंह नगर में 1354.14 एकड़ भूमि पर लेंगे नये उद्योग
सिडकुल, ऊधमसिंह नगर के प्राग फार्म क्षेत्र में 1354.14 एकड़ भूमि पर औद्योगिक गतिविधियों का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने इस भूमि से जुड़े शासनादेश में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दे दी है।
औद्योगिक कॉरिडोर के समीप होने के कारण यहां बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना की संभावना है। इससे न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सीमित औद्योगिक क्षेत्र विस्तार में अड़चन
राज्य में उद्योगों की संख्या बढ़ने और निवेशकों की बढ़ती रुचि के चलते औद्योगिक भूमि की कमी सामने आ रही है। उधमसिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार जैसे मैदानी जनपद उद्योगपतियों की पहली पसंद बने हुए हैं।
वर्तमान में उत्तराखंड में 93,883 उद्योग स्थापित हैं, जिनमें 330 बड़े उद्योग शामिल हैं। इनसे लगभग 55,588 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, लेकिन पर्याप्त भूमि न होने से नए उद्योगों की स्थापना प्रभावित हो रही थी।
मुख्यमंत्री के निर्देशन में बढ़ेगा औद्योगिक क्षेत्र : पांडे
उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने बताया कि ऊधमसिंह नगर में 1300 एकड़ से अधिक भूमि पर सुनियोजित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशन में देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, पौड़ी, चमोली, टिहरी, उत्तरकाशी आदि जिलों में भी करीब 2000 एकड़ भूमि पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ ही प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।









