
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में इस मुद्दे को गंभीरता से लिया था। उन्होंने आईटीडीए को निर्देश दिए थे कि पुलिस, परिवहन के सहयोग से प्रदेश में एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाए।
उत्तराखंड के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर सीजन में जाम से जूझने वालों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) आधारित यातायात प्रबंधन से राहत मिलेगी।
इसके लिए प्रदेश में एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की तैयारी है। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने इसकी कवायद तेज कर दी है।
चारधाम यात्रा सीजन हो या पर्यटन सीजन, पर्यटकों के साथ ही आम जनता के लिए जाम मुश्किलें पैदा करता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में इस मुद्दे को गंभीरता से लिया था।
उन्होंने आईटीडीए को निर्देश दिए थे कि पुलिस, परिवहन के सहयोग से प्रदेश में एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाए।
अब आईटीडीए ने इस पर काम शुरू कर दिया है। आईटीडीए के जीएम इमर्जिंग टेक्नोलॉजी राम एस उनियाल ने बताया कि इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।
सबसे पहले प्रूफ ऑफ कांसेप्ट (पीओसी) कराया जा रहा है। इसके तहत एक यूज केस बनाया जाएगा, जिसमें ये स्पष्ट होगा कि एआई से यातायात प्रबंधन कैसे किया जाएगा।
क्या तकनीकी का इस्तेमाल करना होगा। डाटा कैप्चर, डाटा प्रॉसेस और डाटा एनालिसिस के अलावा डाटा पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया तय की जाएगी।
पीओसी के तहत ही कोडिंग की जाएगी, जिसके आधार पर यह एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम काम करेगा। एक बार पीओसी होने के बाद इस प्रक्रिया को लागू करना आसान हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि पहले किसी शहर में इसका ट्रायल किया जाएगा। अभी शहर का नाम तय नहीं है, कोई भी नगर निकाय हो सकता है। ट्रायल सफल होने के बाद इसे प्रदेश के अन्य शहरों में लागू किया जा सकेगा।
डाटा का विश्लेषण कर एआई चलाएगा ट्रैफिक
एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का फायदा ये भी होगा कि किस सड़क पर किस सीजन, किस समय, किस मौसम में कितना ट्रैफिक होता है, इसका विश्लेषण पहले से हो सकेगा।
एआई ही ये भी तय कर सकेगा कि कब किन-किन चौराहों पर अलग से यातायात प्रबंधन करना होगा। पुलिस-प्रशासन को क्या इंतजामात करने होंगे। लाइव ट्रैफिक को रीड कर सकेगा और उसी हिसाब से प्रबंधन कर सकेगा।









