Big Breaking:-फूलों की घाटी और नंदा देवी नेशनल पार्क के जंगलों में भीषण आग, खतरे में कई दुर्लभ जानवर

विश्व धरोहर फूलों की घाटी रेंज और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन में आग लगने से वन विभाग चिंतित है। इससे वन संपदा और दुर्लभ वन्यजीवों को खतरा है। चट्टानी क्षेत्र होने से आग बुझाने में कठिनाई हो रही है,

जिससे थैंग और कर्णप्रयाग के जंगल भी प्रभावित हुए हैं। बारिश की कमी से सूखी झाड़ियाँ आग फैलने का मुख्य कारण हैं। केदारनाथ में आग बुझा दी गई है, पर फूलों की घाटी में चुनौती बनी हुई है।

गोपेश्वर। विश्व धरोहर फूलों की घाटी रेंज में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। शीतकाल में जंगलों में आग लगने की घटनाओं ने वन विभाग को चिंतित कर दिया है।

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन में इस माह फिर से आग लगने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आग से न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि वन्यजीवों के जीवन पर भी संकट है।

फूलों की घाटी और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के जंगलों में लगी भीषण आग लगातार फैल रही है। आग बुझाने के लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के वन कर्मियों की टीम मौके के लिए निकली, लेकिन चट्टानी क्षेत्र होने के कारण वह घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाए हैं।

आग के कारण समूचा क्षेत्र धुएं के आगोश में है। इसके अलावा शनिवार देर शाम थैंग गांव के वनों में भी आग फैल गई, जिससे गांव के आसपास के जंगलों में भी संकट उत्पन्न हो गया है।

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क और फूलों की घाटी में बेशकीमती वन संपदा मौजूद है। इसमें कस्तूरा, स्नोलैपर्ट सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास भी हैं। आग के कारण इन जीवों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है।

बताया गया है कि बारिश न होने के कारण जंगलों में झाड़ सूखी हुई है, जो आग फैलने का मुख्य कारण बन रहा है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु ने कहा कि आग अभी फूलों की घाटी रेंज के नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन में लगी है।

फूलों की घाटी में आग नहीं पहुंची है और घाटी सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि टीम मौके पर रवाना हुई है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आग पर काबू पाने में कठिनाई हो रही है।

जंगलों में लगी आग बुझी

दो दिनों से धधक रहे केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के सगर मंडल क्षेत्र के जंगलों की आग बुझा दी गई है। वन कर्मियों के साथ ही स्थानीय नागरिकों ने भी आग को बुझाने में सहयोग दिया है, लेकिन आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है।

बताया गया कि इन दिनों जो पहाड़ बर्फ से लकदक रहते थे, वह सूखे पड़े हैं। आग की घटना से वन संपदा के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही आग लगाने वालों की भी तलाश हो रही है।

केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार दुबे का कहना है कि आग पर काबू पा लिया गया है। वन क्षेत्र में गश्त बढ़ाकर आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

वन संपदा को क्षति

कर्णप्रयाग: तहसील मुख्यालय के सामने दयूड़ी पहाड़ी पर नंदप्रयाग रेंज के जंगल में शनिवार दोपहर आग लगने से वन संपदा को खासा नुकसान पहुंचा है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास में जुटी है।

रेंज अधिकारी हेमंत बिष्ट ने बताया मौके पर बीट अधिकारी और उनकी टीम को सिविल क्षेत्र में लगी आग को काबू करने के लिए भेजा है। आग के कारण कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग से लगे भवनों और मार्ग पर गिरते पत्थरों से आवाजाही सुरक्षित नहीं है।

आग से पहले से भूस्खलन श्रेणी में शामिल क्षेत्र में जलस्रोत और नगर पालिका के गोसदन को भी खतरा बना है। बताया सिविल क्षेत्र से वन क्षेत्र में जा रही आग को जल्द काबू कर लिया जाएगा।

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