Big Breaking:-पारा @ -2 °C…., कड़ाके की सर्दी में जुटे हैं BRO के श्रमिक; बना रहे हैं गंगोत्री हाईवे की सुरक्षा दीवार

हर्षिल घाटी में कड़ाके की ठंड (-1 से -2°C) के बावजूद, बीआरओ के श्रमिक पुराने गंगोत्री हाईवे की बहाली के लिए वायरक्रेट सुरक्षा दीवारें बना रहे हैं। पिछले साल खीरगाड और तेलगाड के उफान से हाईवे जलमग्न हो गया था। आगामी चारधाम यात्रा से पहले हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 30 श्रमिक सुबह से शाम तक काम कर रहे हैं।

उत्तरकाशी। हर्षिल घाटी में इन दिनों कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। अधिकतम तापमान भी माइनस 1 से 2 डिग्री सेल्सियस है। इसके बावजूद बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन के श्रमिक सुरक्षात्मक कार्यों में जुटे हैं, जोकि हर्षिल व धराली के बीच पुराने गंगोत्री हाईवे की बहाली के लिए वायरक्रेट की सुरक्षा दीवार बना रहे हैं।

बता दें कि बीते वर्ष पांच अगस्त को हर्षिल व धराली में खीरगाड व तेलगाड के उफान पर आने से हर्षिल व धराली के बीच एक झील का निर्माण हो गया था, जिसमें गंगोत्री हाईवे का बड़ा हिस्सा करीब 24 दिनों से अधिक समय तक जलमग्न रहा।

उस दौरान बीआरओ ने गंगोत्री हाईवे को अस्थाई रुप से सड़क तैयार कर बहाल किया। लेकिन अब बीआरओ आगामी चारधाम यात्रा के लिए पुराने हाईवे की बहाली के लिए सुरक्षात्मक कार्यों में जुटा हुआ है।

इसके लिए हर्षिल के पास तेलगाड क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी में भी बीआरओ के श्रमिक वायरक्रेट के माध्यम से सुरक्षा दीवार निर्माण में जुटे हैं। इन श्रमिकों में महिला व पुरुष हैं, जोकि सुबह साढ़े आठ बजे से शाम चार से पांच बजे तक हाईवे की पुनर्बहाली के लिए सुरक्षात्मक कार्य में जुटे रहते हैं।

हर्षिल व धराली के बीच आपदा में जलमग्न हुए हाईवे की पुनर्बहाली के लिए सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए करीब 30 श्रमिक काम में जुटे हैं, जोकि माइनस तापमान में भी सुरक्षात्मक कार्य कर रहे हैं। आगामी चारधाम यात्रा से पहले पुराने हाईवे की बहाली का प्रयास किया जा रहा है।

-राजकिशोर, कमांडर बीआरओ

Ad

सम्बंधित खबरें