
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 में 2.15 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की लिखित परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च तक चलेंगी, जबकि प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 जनवरी से शुरू हो चुकी हैं।
नकल विहीन और पारदर्शी परीक्षा संचालन के लिए प्रदेशभर में 1261 केंद्र बनाए गए हैं। मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में इस बार 2.15 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। नकल विहीन एवं पारदर्शी परीक्षा संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
परिषद के सचिव विनोद प्रसाद सेमल्टी अनुसार, वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए हाईस्कूल में कुल 1,12,266 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। इनमें 1,10,544 संस्थागत और 1,722 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल हैं।
वहीं इंटरमीडिएट में कुल 1,02,986 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे, जिनमें 99,349 संस्थागत और 3,637 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। इस प्रकार कुल परीक्षार्थियों की संख्या 2,15,252 है।
परिषद द्वारा हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट दोनों कक्षाओं के संस्थागत और व्यक्तिगत आवेदन पत्रों का संग्रहण आनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया गया है। साथ ही सभी विषयों के आंतरिक मूल्यांकन, प्रोजेक्ट एवं प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक भी आनलाइन ही संकलित किए जा रहे हैं।
चंपावत में सबसे कम, टिहरी में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र
बोर्ड परीक्षा के लिए प्रदेशभर में कुल 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 50 एकल केंद्र और 1211 मिश्रित केंद्र शामिल हैं। इस बार 24 नवीन परीक्षा केंद्र भी बनाए गए हैं। परीक्षा व्यवस्था की दृष्टि से 156 केंद्र संवेदनशील और छह केंद्र अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। जनपद टिहरी गढ़वाल में सर्वाधिक 136 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि चंपावत जनपद में सबसे कम 44 परीक्षा केंद्र हैं।
21 फरवरी से लिखित परीक्षा
प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 जनवरी से शुरू हो चुकी हैं, जो 15 फरवरी तक चलेंगी। वहीं हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की लिखित परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च तक एकल पाली में होंगी। सभी लिखित परीक्षाएं प्रातः 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक कराई जाएंगी।
संकलन और मूल्यांकन की कड़ी निगरानी
उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए प्रदेश में 39 संकलन केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें 13 मुख्य संकलन केंद्र और 26 उप संकलन केंद्र शामिल हैं। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इनमें गढ़वाल मंडल में 16 और कुमाऊं मंडल में 13 मूल्यांकन केंद्र होंगे।
कुल मूल्यांकन केंद्रों में 25 मिश्रित, तीन हाईस्कूल एकल और एक इंटरमीडिएट एकल केंद्र शामिल है। मूल्यांकन की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा परीक्षा के सफल और नकल विहीन संचालन के लिए राज्य, मंडल और जनपद स्तर पर सचल दलों का गठन किया जाएगा, जो लगातार निगरानी करेंगे।









