
पिथौरागढ़ के जौलजीबी क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। किमखोला ग्राम पंचायत के भगतिरवा गांव में पड़ोसियों ने कुंदन सिंह रजवार नामक युवक की लोहे के पाइप और डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
जौलजीबी (पिथौरागढ़)। कोतवाली जौलजीबी क्षेत्र के किमखोला ग्राम पंचायत के वनराजी गांव भगतिरवा गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है।
यहां पड़ोसियों ने अपने ही भाई बंधु युवक की लोहे के पाइप और डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। वारदात को छिपाने के लिए आरोपितों ने शव को एक किलोमीटर दूर जंगल में पत्थरों और मिट्टी के नीचे दबा दिया।
पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर एक महिला सहित चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, किमखोला भगतिरवा निवासी रेखा देवी ने सोमवार को तहरीर देकर बताया कि 22 मार्च की शाम उनके पड़ोस में रहने वाली बसंती देवी, उसके दो पुत्रों रमेश सिंह व जनक सिंह और प्रदीप सिंह ने उनके पति कुंदन सिंह रजवार के साथ मारपीट की।
इस दौरान लोहे के पाइप और लकड़ी से बुरी तरह पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई। अगली सुबह सात बजे आरोपित शव को ठिकाने लगाने के लिए एक किमी दूर झिपुखोला जंगल की ओर ले गए।
तहरीर मिलते ही थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दबिश देकर बसंती देवी के घर से ही चारों आरोपितों बसंती देवी, रमेश सिंह, जनक सिंह और प्रदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपितों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर झिपुखोला गधेरे से कुंदन सिंह का शव बरामद कर लिया गया।
आरोपितों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष एसआइ. प्रदीप कुमार, एएसआइ . चंद्रशेखर जोशी, महेश पंत, हेड कांस्टेबल पूरन सिंह, कांस्टेबल महेश सिंह बोरा, ललित कुमार, मनोज मर्तोलिया और महिला होमगार्ड ज्योति ऐरी शामिल रहे।
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 (1)/ 3(5)में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया ।
वनराजि गांव भगतिरवा में हुई इस लोमहर्षक घटना को लेकर क्षेत्र में दहशत बनी है। लगभग पांच वर्ष पूर्व भी बनराजी गांव चिफलतरा में भी हल्की कहासुनी में एक वनराजी ने दूसरे वनराजी की कुल्हाड़ी मार कर हत्या कर दी थी।
भगतिरवा तोक धारचूला तहसील के अंतर्गत जौलजीबी के निकट हाईवे से लगभग तीन किमी की चढ़ाई पर स्थित है। यहां पर वनराजी के आधा दर्जन के आसपास परिवार रहते हैँ।









