
देहरादून में कथित नस्लीय हमले में जान गंवाने वाले त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के परिवार ने मामले की CBI जांच की मांग की है। त्रिपुरा के पेचार्थल क्षेत्र के एमबीए छात्र एंजेल की नौ दिसंबर को एक हमले में मौत हो गई थी।
एंजेल चकमा हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। एंजेल चकमा के परिवार ने सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की है। एंजेल के पिता तरुण कांति चकमा ने टिपरा मोथा के प्रमुख प्रद्योत देबबर्मा से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।
बीएसएफ जवान तरुण कांति चकमा का कहना है कि हत्या को एक महीना बीत चुका है लेकिन अभी तक मुख्य आरोपी फरार है। पीड़ित परिवार ने दिल्ली में तबादले की भी मांग की है ताकि वे कानूनी लड़ाई लड़ सकें।
CBI जांच की मांग
एंजेल के पिता तरुण कांति चकमा ने सोमवार को अगरतला में टिपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत देबबर्मा से मिलकर इस मामले की CBI जांच कराने की मांग की।
मणिपुर में तैनात बीएसएफ जवान तरुण कांति चकमा ने बताया कि उनके बेटे की मौत को एक महीना पूरा हो चुका है लेकिन अभी तक उनके परिवार को जांच के बारे में कोई नई जानकारी नहीं मिली है।
तबादला दिल्ली करने की गुहार
तरुण कांति चकमा ने बताया कि उन्हें 5 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। हम चाहते हैं कि इस हत्या की जांच सीबीआई करे ताकि उन्हें जल्द न्याय मिल सके।
मैंने सरकार से अपना तबादला दिल्ली करने की गुहार भी लगाई है ताकि कानूनी लड़ाई को ठीक से लड़ सकूं। मैंने इस संघर्ष में प्रद्योत देबबर्मा से मदद मांगी है जिन्होंने उन्हें हर मुमकिन सहायता देने का भरोसा दिया है।
भविष्य में किसी के साथ हो सकती है ऐसी घटना
खबर अपडेट हो वहीं देबबर्मा ने कहा कि वे देहरादून की घटना के दिन से ही एंजेल के परिवार के साथ जुड़े हैं।
इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पुलिस ने FIR दर्ज करने में तीन दिन की देरी की। उनका कहना है कि 24 साल का एक होनहार युवक भेदभाव की भेंट चढ़ गया और यदि आज हम चुप रहे तो भविष्य में किसी और के साथ भी ऐसा हो सकता है। प्रद्योत देबबर्मा ने भरोसा दिया कि वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।









