
कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरने से पीएनबी के कैशियर की मौके पर ही मौत हो गई।पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की सहायता से करीब दो घंटे रेस्क्यू अभियान चलाया।
अल्मोड़ा जिले के सल्ट थाना क्षेत्र अंतर्गत कूपी बैंड के पास एक कार 60 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार में सवार पंजाब नेशनल बैंक के कैशियर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना परिजनों को मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है हालांकि स्थानीय लोग घटना की वजह कार का अनियंत्रित होना बता रहे हैं।
शुक्रवार को कचनाल गाजी काशीपुर निवासी सुभाष सिंह बिष्ट (35) पुत्र धीरेंद्र सिंह बिष्ट पौड़ी गढ़वाल जिले के थलीसैंण से कार से अपने घर को जा रहे थे। सल्ट क्षेत्र के कूपी बैंड के पास कार दुर्घटनाग्रस्त होकर करीब 60 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। रात होने के कारण लोगों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी।
शनिवार की सुबह करीब 7:25 बजे स्थानीय लोगों की नजर खाई में गिरी कार पर पड़ी तो उन्होंने थाना सल्ट पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते की थानाध्यक्ष सल्ट कश्मीर सिंह टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की सहायता से करीब दो घंटे का रेस्क्यू अभियान चलाया।
इसके बाद वाहन से भीतर से व्यक्ति को वाहन से बाहर निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। थानाध्यक्ष कश्मीर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है।
परिजन कर रहे थे सुभाष के घर आने का इंतजार, मिली मौत की खबर
दर्दनाक सड़क हादसा एक परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन ले गया। सुभाष सिंह बिष्ट पंजाब नेशनल बैंक में कैशियर थे। शनिवार और रविवार दो दिन लगातार छुट्टी होने पर वह थलीसैंण अपने बच्चों और परिवार से मिलने जा रहे थे। परिजन सुभाष सिंह के घर आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन परिजनों को सुभाष की मौत की खबर मिली को वह सन्न रह गए।
बच्चों से मिलने को लेकर गिरीश भी काफी खुश थे।उन्हें नहीं पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सुभाष परिवार में जिम्मेदार व्यक्ति थे।
पहाड़ी सड़कों पर बढ़ते हादसे बढ़ा रही है लोगों की चिंता
घुमावदार सड़के और कई स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सल्ट क्षेत्र की सड़कें भी कई जगहों पर काफी संकरी और खतरनाक हैं। उनका कहना है कि कूपी बैंड के पास पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कई स्थानों पर पैराफिट नहीं बने हैं। इस कारण वहां वह हादसे होने का अधिक खतरा बना रहता है।









