
पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल ने रामनगर के बागी कांग्रेसी की पार्टी में वापसी का कड़ा विरोध किया है। डॉ. पाल ने अपनी वफादारी पर जोर दिया।
नैनीताल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल ने रामनगर में बागी कांग्रेसी को फिर से पार्टी में शामिल करने की पैरवी करने वालों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
डा. पाल ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में उनको नामांकन से दो दिन पहले रामनगर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया, उन्होंने पूरी निष्ठा से चुनाव लड़ा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरी ईमानदारी से उनको चुनाव लड़वाया। जीत के करीब पहुंचने के बाद थोड़े अंतर से चुनाव हार गए।
प्रत्याशी के पक्ष में उम्मीदवारी वापस क्यों नहीं करवाई
बुधवार को जारी बयान में पूर्व सांसद पाल ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस के बागी व पिछले विस चुनाव के निर्दलीय प्रत्याशी संजय नेगी का नाम न लेते हुए तंज कसा कि जो लोग बागी लोगों को कांग्रेस में शामिल करने के लिए हायतौबा मचा रहे हैं, तब विधानसभा चुनाव में उन्होंने बागी प्रत्याशी को कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में उम्मीदवारी वापस क्यों नहीं करवाई।
ऐसा करवाते तो उनके जैसे समर्पित कार्यकर्ता को विधानसभा में पहुंचने का मौका मिलता। पाल ने कहा कि वह नैनीताल लोकसभा सीट के उपचुनाव में 2003 में 1.25 लाख वोटों से विजयी हुए थे, तब से हर लोक सभा-विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद भी कभी बगावत नहीं की।
पूर्व सांसद ने हाल ही में दो पूर्व विधायकों समेत अन्य नेताओं को पार्टी में शामिल करने के प्रदेश कांग्रेस और हाईकमान के निर्णय का स्वागत भी किया।









