
सितारगंज में एक आधार केंद्र पर फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर का उपयोग करके आधार कार्ड अपडेट किए जा रहे थे और निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली हो रही थी। गोपनीय सूचना पर प्रशासन ने छापा मारा,
जिसमें यह मामला सही पाया गया। केंद्र को सील कर दिया गया है और आरोपी मोहम्मद फैजान व विक्रम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सितारगंज। जिले में फर्जी दस्तावेज बनाकर प्रमाणपत्र बनवाने का मामला अभी थमा नहीं था कि सितारगंज क्षेत्र में एक आैर सनसनीखेज मामला सामने आ गया है। यहां मंडी परिसर स्थित बाल विकास कार्यालय में संचालित आधार केंद्र पर फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर के जरिए लोगों के आधार कार्ड अपडेट किए जा रहे थे।
गोपनीय सूचना पर प्रशासन ने छापेमारी की तो मामला सही निकला। जिस पर आधार केंद्र को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया है। वहीं, आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव बरुआबाग, झाड़ी निवासी गुरप्रीत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मंडी परिसर स्थित आधार केंद्र पर निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की जा रही है तथा फिंगरप्रिंट की मोहर से अवैध रूप से आधार अपडेट किए जा रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार हिमांशु जोशी ने राजस्व टीम के साथ मंगलवार को आधार केंद्र पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान सामने आया कि गांव बिडौरा, मझोला निवासी विक्रम सिंह आधार केंद्र का अधिकृत संचालनकर्ता है, लेकिन उसकी शह पर उसकी फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर बनाकर मो. फैजान आधार केंद्र का संचालन कर रहा था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आधार कार्ड में संशोधन और अपग्रेडेशन के नाम पर लोगों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही थी।
केंद्र पर किसी भी प्रकार की शुल्क सूची चस्पा नहीं की गई थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। छापेमारी टीम ने मौके से दो लैपटॉप, फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर सहित अन्य उपकरण जब्त कर लिए और आधार केंद्र को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया। फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर बनाकर जालसाजी करने के आरोप में पुलिस को तहरीर सौंप दी गई है।
तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर को जब्त कर आधार केंद्र को सील कर दिया गया है। ओवर रेट के मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए ई-डिस्ट्रिक मैनेजर से पत्राचार किया गया है। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।








