
केलाखेड़ा से लापता हुईं दो नाबालिग बहनों को दिल्ली से बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि उनके पिता दो साल से दुष्कर्म और छेड़छाड़ कर रहे थे, जिससे तंग आकर वे घर छोड़ गईं।
पुलिस ने बच्चियों के बयान के आधार पर पिता को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला उधमसिंह नगर के केलाखेड़ा क्षेत्र का है।
केलाखेड़ा। थाना केलाखेड़ा क्षेत्र से लापता हुईं दो नाबालिग बहनों के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बच्चियों की बरामदगी के बाद उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने पिता को ही दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
केलाखेड़ा पुलिस के अनुसार एक जनवरी को क्षेत्र निवासी ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसकी दो नाबालिग पुत्रियां (उम्र 15 वर्ष व 13 वर्ष) घर से बिना बताए कहीं चली गई हैं।
काफी तलाश के बाद भी उनके न मिलने पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की विवेचना एसएसआइ विनोद फर्त्याल को सौंपी गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश तथा क्षेत्राधिकारी बाजपुर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक केलाखेड़ा द्वारा पुलिस टीम गठित की गई।
टीम ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ के साथ ही कस्बा केलाखेड़ा के करीब 60 से 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों नाबालिग बहनों को दिल्ली से बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद दोनों बच्चियों को वन स्टाप सेंटर रुद्रपुर में रखा गया।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष दर्ज कराए गए बयानों में बच्चियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके पिता ने करीब दो वर्ष पूर्व जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे और लगातार छेड़छाड़ करता था।
इसी कारण वह घर छोड़कर चली गई थीं। बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में धारा 64 व 351(2) बीएनएस तथा 5(ढ)/6 पोक्सो अधिनियम की धाराएं बढ़ाते हुए पिता को ही अभियुक्त बनाया।
पुलिस ने बुधवार को आरोपित को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।
बरामदगी व गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सोलंकी, उपनिरीक्षक विनोद फर्त्याल, महिला उपनिरीक्षक पूनम रावत तथा कांस्टेबल सचिन कुमार शामिल रहे।









