
औली में तेजी से बर्फ पिघल रही है। ऐसे में यहां प्रस्तावित खेलों पर संकट हैं। आईटीबीपी के अधिकारियाें ने राष्ट्रीय स्कीइंग के लिए बर्फ को नाकाफी बताया है।
औली में राष्ट्रीय शीतकालीन चैंपियनशिप और कार्निवल 12 से 16 फरवरी तक प्रस्तावित हैं। खेलों में एक सप्ताह का समय शेष है लेकिन औली में पिछले दिनों जो बर्फ पड़ी थी वह तेजी से पिघलने लगी है। स्कीइंग स्लोप के निचले क्षेत्र की बर्फ खत्म हो चुकी है। ऐसे में यदि बर्फबारी नहीं होती है तो राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं संभव नहीं हो पाएंगी।
खिलाड़ी भी इसको लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। आईटीबीपी औली के अधिकारियों ने भी औली में जमी बर्फ को राष्ट्रीय स्कीइंग के आयोजन के लिए नाकाफी बताया है। औली में पिछले दिनों बर्फबारी हुई थी। इसके बाद यहां राष्ट्रीय शीतकालीन खेल प्रतियोगिताएं और विंटर कार्निवल को लेकर सुगबुगाहट तेज हुई तो जीएमवीएन और पर्यटन विभाग ने खेल और कार्निवल की तिथि घोषित कर दी।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता कराना संभव नहीं
12 से 16 फरवरी तक औली में यह आयोजन होंगे लेकिन जिस स्लोप पर खिलाड़ी स्कीइंग करेंगे वहां से बर्फ पिघल रही है। स्लोप के सबसे नीचे वाले क्षेत्र में बर्फ पूरी तरह पिघल चुकी है। स्थानीय स्कीइंग खिलाड़ी दिनेश भट्ट का कहना है कि औली में वर्तमान में जो स्थिति है उसमें राष्ट्रीय प्रतियोगिता कराना संभव नहीं है।
प्रतियोगिता के लिए स्लोप पर कम से कम एक फीट बर्फ चाहिए। वहीं महेंद्र भुजवाण ने कहा कि औली में जो बर्फ पड़ी थी वह पिघल रही है। राष्ट्रीय खेलों के लिए जो तिथि निर्धारित की गई है तब तक स्लोप पर बर्फ का रह पाना संभव नहीं है। प्रतियोगिता तभी हो पाएगी जब एक-दो दिन में अच्छी बर्फबारी हो जाए।









