
रुड़की की शक्ति विहार कॉलोनी में झील में दो मगरमच्छ दिखने से दहशत फैल गई है। इनके वीडियो वायरल होने के बाद भय और बढ़ गया है। वन विभाग पर रेस्क्यू के लिए मुर्गा-मछली मांगने का आरोप लगा है,
जिससे कार्रवाई में देरी हो रही है। स्थानीय लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और स्थायी निगरानी की मांग कर रहे हैं। डीएफओ ने जांच का आश्वासन दिया है।
रुड़की। शक्ति विहार कालोनी की झील में दिख रहे दो मगरमच्छों ने लोगों की नींद छीन ली है। धूप निकलते ही पानी से बाहर आते इन मगरमच्छों का वीडियो वायरल होने के बाद दहशत और बढ़ गई है, जबकि रेस्क्यू के नाम पर मुर्गा-मछली की मांग ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल नवगठित नगर पंचायत पाडली गुर्जर के शक्तिविहार क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से झीलनुमा तालाब में दो मगरमच्छ लगातार दिखाई दे रहे हैं। सुबह होते ही वे किनारे तक आ जाते हैं, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों में भय का माहौल है।
सभासद प्रतिनिधि आकाश छाछर ने लगाया आरोप
बच्चों को घरों से बाहर निकलने से रोका जा रहा है और बुजुर्ग भी तालाब के रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं। इस बाबत नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि तौकीर ने बताया कि मामले की सूचना वन विभाग को दे दी गई है और जल्द रेस्क्यू की मांग की गई है।
वहीं स्थानीय सभासद प्रतिनिधि आकाश छाछर ने आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान वन कर्मियों ने मगरमच्छ पकड़ने के लिए दो किलो मुर्गा और मछली उपलब्ध कराने को कहा, वह भी स्थानीय स्तर पर।
उनका कहना है कि यह नियमों के विरुद्ध है और सरकारी विभाग को अपनी जिम्मेदारी स्वयं निभानी चाहिए। इस संबंध में डीएफओ ने कहा कि टीम को मौके पर भेजा गया है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमित मांग की जांच कराई जाएगी। फिलहाल कॉलोनीवासी दहशत में हैं और झील के आसपास पुलिस व वन विभाग की स्थायी निगरानी की मांग कर रहे हैं।









