Big Breaking:-बिजली उपभोक्ताओं की सुरक्षा निधि पर कम हुआ ब्याज, 30 जून तक सभी बिलों में समायोजित करना होगा

बिजली उपभोक्ताओं की सुरक्षा निधि पर ब्याज कम हुआ है। आरबीआई की ओर से बैंक दरों में किए गए बदलाव के कारण यूपीसीएल ने भी अपनी दरों को संशोधित किया है।

उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने उपभोक्ताओं के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सुरक्षा निधि पर ब्याज दर में एक प्रतिशत की कटौती की है। हालांकि ब्याज का यह पैसा 30 जून तक सभी बिजली बिलों में समायोजित करना होगा। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में उपभोक्ताओं को अपनी जमा जमानत राशि पर 6.50 प्रतिशत की दर से ब्याज मिला था।

अब वित्तीय वर्ष 2026-27) में यह दर घटकर 5.50 प्रतिशत होगी। आरबीआई की ओर से बैंक दरों में किए गए बदलाव के कारण यूपीसीएल ने भी अपनी दरों को संशोधित किया है। यह नियम उपभोग सुरक्षा (कंजंप्शन सिक्योरिटी) और सामग्री सुरक्षा (मैटेरियल सिक्योरिटी) दोनों पर लागू होगा।उपभोक्ताओं के खाते में जमा ब्याज की राशि को अगले वित्तीय वर्ष के बिजली बिलों में 30 जून तक समायोजित कर दिया जाएगा।

यदि किसी उपभोक्ता की सुरक्षा निधि कम हो गई है तो ब्याज की राशि का उपयोग पहले उस कमी को पूरा करने के लिए किया जाएगा। उसके बाद बची हुई राशि बिल में घटाई जाएगी। ब्याज केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिन्होंने सुरक्षा निधि नकद, चेक, ड्राफ्ट या ऑनलाइन माध्यम से जमा की है।

बैंक गारंटी या लेटर ऑफ क्रेडिट के रूप में जमा सुरक्षा पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले अपना कनेक्शन स्थायी रूप से कटवा लेता है तो उसे अंतिम बिल तक का ब्याज दिया जाएगा।

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