
इस बार केदारनाथ धाम में लगभग 25 हजार श्रद्धालु रात्रि विश्राम कर सकेंगे। प्रशासन ने स्थानीय युवाओं को 1,200 अस्थायी टेंट लगाने की अनुमति दी है, जिससे 8,000 यात्री ठहरेंगे।
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम समेत पैदल मार्ग के पड़ावों पर इस बार लगभग 25 हजार श्रद्धालु रात्रि विश्राम कर सकेंगे। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से धाम में यात्रियों के ठहरने की व्यापक व्यवस्था की गई है। इसमें स्थानीय युवा बेरोजगार अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे उनकी आर्थिकी को भी संबल मिल रहा है।
तीर्थ पुरोहितों के भवनों का निर्माण होने और टेंट व्यवस्था के विस्तार से धाम में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत ने बताया कि प्रशासन ने इस बार रुद्रा प्वाइंट समेत केदारनाथ धाम में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय युवाओं को 1,200 टेंट लगाने की अनुमति दी है। इनमें लगभग आठ हजार यात्री ठहर सकते हैं।
पैदल मार्ग पर बड़ी लिनचोली, छोटी लिनचोली, भीमबली, जंगलचट्टी आदि स्थानों पर गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के स्थायी काटेज हैं, जिनमें लगभग 6000 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है।
जीएमवीएन की ओर से पैदल मार्ग समेत केदारनाथ धाम में एक हजार से अधिक टेंट भी लगाए जा रहे हैं, जिनमें करीब छह हजार यात्री ठहर सकेंगे। इसके अलावा तीर्थ पुरोहितों के अस्थायी भवन और अन्य पक्के निर्माणों में भी 5000 से अधिक यात्रियों के रहने-खाने की व्यवस्था है।
हर 50 मीटर पर तैनात रहेगा एक पर्यावरण मित्र
यात्रा के दौरान केदारनाथ पैदल मार्ग पर 550 पर्यावरण मित्रों की तैनाती की जा रही है। इनमें से हर 50 मीटर की दूरी पर एक पर्यावरण मित्र तैनात रहेगा। इस बार पर्यावरण मित्रों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 50 अधिक है।
इसके साथ ही केदारपुरी में 50 नए शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें नियमित सफाई के लिए कार्मिकों की तैनाती की गई है। सुलभ इंटरनेशनल के क्षेत्रीय प्रबंधक धनंजय पाठक ने बताया कि पैदल मार्ग और शौचालयों में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।









