
उत्तराखंड में नए साल के जश्न के दौरान 24 से 31 दिसंबर 2025 के बीच 225 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिकी। आबकारी विभाग के अनुसार, कुल 1,53,782 कार्टन मदिरा बेची गई, जो पिछले साल से अधिक है।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या और व्यापक आयोजनों को बिक्री में वृद्धि का मुख्य कारण बताया गया। विभाग ने सार्वजनिक सुरक्षा और नियमों के अनुपालन पर भी जोर दिया।
देहरादून: नए साल के स्वागत का जश्न क्रिसमस से शुरू हो जाता है। नव वर्ष की पूर्व संध्या 31 दिसंबर और एक जनवरी को उल्लास चरम पर होता है। गीत-संगीत और पार्टियों में रंग जमाने के लिए सुरा के शौकीन जाम भी खूब टकराते हैं।
इस बार यह उत्सव और गुलाबी नजर आया। तभी तो नव नरेश के जश्न में अबकी बार 225 करोड़ रुपए के जाम गटक लिए गए।
आबकारी विभाग के अनुसार क्रिसमस की पूर्व संध्या 24 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच राज्य में 225 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की मदिरा की बिक्री दर्ज की गई। इस अवधि में कुल 1,53,782 कार्टन (पेटी) मदिरा बिके, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि यह बिक्री पिछले वर्ष की समान अवधि से करीब दो हजार कार्टन अधिक है। वर्ष 2024 में इसी अवधि के दौरान राज्य में 1,51,562 कार्टन मदिरा की बिक्री हुई थी।
उनके अनुसार, इस वर्ष पर्यटकों की बढ़ती संख्या, नए साल के आयोजनों की व्यापकता और संतुलित आबकारी नियमों के कारण मदिरा की मांग में इजाफा हुआ।
आबकारी आयुक्त ने बताया कि नए साल के अवसर पर आय बढ़ाने के साथ-साथ कानूनी अनुपालन और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। देहरादून, हरिद्वार,
नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और टिहरी गढ़वाल जैसे प्रमुख पर्यटन जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। इस दौरान आबकारी टीम लगातार क्षेत्र में तैनात रही और बार, मदिरा दुकानों तथा अस्थायी एक-दिवसीय बार लाइसेंसों की सघन निगरानी की गई।
इस अवधि में ‘नशे में वाहन न चलाएं’ अभियान को भी सख्ती से लागू किया गया। पुलिस और आबकारी विभाग के संयुक्त अभियानों के तहत चेकिंग अभियान चलाए गए,
जिससे नशे की हालत में ड्राइविंग और गैरकानूनी मदिरा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सका। अधिक कीमत वसूलने, बिना अनुमति मदिरा परोसने और अवैध भंडारण से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष लागू आबकारी नियमावली के तहत अनुमति प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाया गया, जिससे वैध कारोबार को बढ़ावा मिला और अवैध शराब व्यापार पर अंकुश लगा। इसी के चलते राज्य को अभूतपूर्व आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ है।
पर्यटन सीजन और नए साल के अवसर पर अन्य राज्यों से आए बड़ी संख्या में सैलानियों ने भी मदिरा बिक्री को गति दी। होटल, रेस्तरां और बारों में आयोजित नए साल की पार्टियों के दौरान खपत में विशेष वृद्धि दर्ज की गई।
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने कहा कि विभाग आगे भी आय वृद्धि, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कार्य करेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी गैरकानूनी मदिरा कारोबार और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि राज्य की आबकारी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके।









