
पर्यटन सीजन में मसूरी आने वाले पर्यटकों को भारी जाम का सामना करना पड़ सकता है। कुठाल गेट के पास पुल क्षतिग्रस्त होने से बैली ब्रिज से आवाजाही हो रही है। नए पुल और वैकल्पिक मार्ग के चौड़ीकरण की डीपीआर शासन में लंबित है।
देहरादून। पर्यटन सीजन शुरू होने को करीब दो माह का समय शेष है, लेकिन मसूरी के मुख्य मार्ग की राह आसान किए जाने को लेकर कोई उल्लेखनीय प्रगति नजर नहीं आ रही। ऐसे में मसूरी आने वाले देश-विदेश के लाखों पर्यटकों को भारी जाम से जूझना पड़ सकता है।
क्योंकि, मानसून सीजन में 15 सितंबर 2025 की रात्रि में कुठाल गेट के पास पुल क्षतिग्रस्त हो गया था और अभी भी यहां से वाहनों का संचालन बैली ब्रिज के माध्यम से किया जा रहा है। यह भाग काफी संकरा है और वाहनों का दबाव बढ़ने पर भारी जाम लग जाता है।
मसूरी आने वाले पर्यटकों की राह आसान करने के लिए लोनिवि बैली ब्रिज की जगह करीब 09 करोड़ रुपए की लागत से नया पुल बनाएगा। लेकिन, इसकी डीपीआर करीब दो माह से शासन में लंबित है। जब तक पुल निर्माण का शासनादेश और वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं कर दी जाती, तब तक टेंडर की दिशा में भी कदम नहीं बढ़ाए जा सकेंगे।
ऐसे में यदि वित्तीय वर्ष की समाप्ति 31 मार्च से पहले शासनादेश जारी भी कर दिया जाता है तो टेंडर प्रक्रिया में एक माह का समय लग जाएगा। जिस कारण इस पर्यटन सीजन में पर्यटकों को जाम से जूझना पड़ेगा। लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि यदि शीघ्र शासनादेश जारी कर दिया जाता है तो टेंडर प्रक्रिया झटपट पूरी कराकर धरातल पर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
मानसून सीजन बढ़ाएगा दोहरी चुनौती
मसूरी मार्ग पर सिर्फ पर्यटन सीजन ही चुनौती नहीं बढ़ाएगा, बल्कि मानसून सीजन में हालात और विकट हो सकते हैं। मसूरी मार्ग पर गलोगी धार क्षेत्र में स्थित भूस्खलन जोन का उपचार भी अभी लंबित है। उपचार गतिमान होने के कारण यह हिस्सा भी काफी संकरा है। वहीं, इस पूरे क्षेत्र में भारी वर्षा के दौरान पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
मसूरी के वैकल्पिक मार्ग के चौड़ीकरण की राह खुली
लोक निर्माण विभाग मसूरी के वैकल्पिक मार्ग लंबीधार किमाड़ी (लंबाई 23 किमी) को चौड़ा करेगा। ताकि मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति में इस मार्ग से पर्यटकों का आवागमन कराया जा सके। इसकी डीपीआर भी शासन में लंबित है। जिस कारण चौड़ीकरण कार्य के टेंडर लोनिवि प्रांतीय खंड से स्थगित कर दिए थे।
14 करोड़ रुपए इस इस परियोजना पर अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अनुमोदन प्राप्त हो जाने के बाद शीघ्र शासनादेश होने की राह खुल गई है। हालांकि, शुरुआती विलंब के कारण इस पर्यटन सीजन तक चौड़ीकरण का कार्य पूरा नहीं किया जा सकेगा। लोनिवि योजना के अनुसार इस मार्ग को सिंगल लेन से डेढ़ लेन तक चौड़ा जाना है। वैकल्पिक मार्ग के हिसाब से इस चौड़ाई को पर्याप्त माना जा रहा है।
पांवटा साहिब राजमार्ग चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने से पहले चौड़ीकरण आवश्यक
वर्तमान में पांवटा साहिब राजमार्ग का चौड़ीकरण अंतिम चरण में है। परियोजना के पूरी तरह शुरू हो जाने के बाद पांवटा साहिब की तरफ से भी मसूरी के लिए वाहनों का दबाव बढ़ जाएगा।
दूसरी तरफ दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे भी शुरू होने वाला है। ऐसे में यदि लंबीधार किमाड़ी रोड का चौड़ीकरण जल्द नहीं किया गया तो मसूरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर अधिक दबाव नहीं पड़ेगा। जिसकी हालत पहले से नाजुक है।
सहस्रधारा की तरफ से भी वैकल्पिक मार्ग, हालत खराब
मसूरी के लिए एक अन्य वैकल्पिक मार्ग सहस्रधारा की तरफ से भी है। जो कार्लीगाड़ और सरोना होते मसूरी के पास मिलता है। हालांकि, इस मार्ग की हालत भी खराब रहती है।








