
कार्बेट नेशनल पार्क में अब सफारी के दौरान पर्यटकों, जिप्सी चालकों और नेचर गाइड को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए यह प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
पर्यटकों को अपने मोबाइल पर्यटन गेट पर जमा करने होंगे और वापसी पर वापस मिलेंगे। हालांकि, कैमरे ले जाने की अनुमति होगी। यह नियम वन्यजीवों की तस्वीरें और वीडियो बनाने पर रोक लगाएगा।
रामनगर। कार्बेट नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम व सफारी के लिए जाने वाले पर्यटक, जिप्सी चालक, नेचर गाइड अब मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। कार्बेट सफारी के दौरान पर्यटकों के मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी की गई गाइड लाइन के अनुपालन में की जा रही है।
अब पर्यटकों के मोबाइल पर्यटन गेट पर ही जमा हो जाएंगे। वापसी में पर्यटकों को उनके मोबाइल लौटाए जाएंगे। कार्बेट पार्क में अभी तक पर्यटकों के साथ ही, जिप्सी चालक, नेचर गाइड सफारी व रात्रि विश्राम के लिए मोबाइल साथ ले जाते हैं। ढिकाला में तो एक दो जगह पर मोबाइल के सिग्नल तक पकड़ते हैं।
पिछले माह सुप्रीम कोर्ट की ओर से पार्क में सफारी के दौरान मोबाइल प्रतिबंध से संबंधित सामान्य गाइड लाइन जारी की गई थी। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुपालन में अब कार्बेट टाइगर रिजर्व भी अपने यहां इसे लागू करने की तैयारी कर रहा है। अब ऐसे में पर्यटक, जिप्सी चालक, गाइड वन्य जीवों की फोटो व वीडियो नहीं ले सकेंगे।
अभी तक पर्यटक खासकर सबसे ज्यादा बाघों की फोटो खींचकर इंटरनेट में वायरल करते थे। हालांकि पर्यटक कैमरा आदि अपने साथ ले जा सकते हैं।
कार्बेट के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुपालन में अब पर्यटकों, जिप्सी चालकों व गाइड को अपने मोबाइल गेट पर ही जमा करने होंगे।
पर्यटन गेट पर मोबाइल रखने की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। यह नियम केवल जंगल में जिप्सी में बैठे लोगों के लिए है।
डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि वे अभी इस गाइड लाइन का अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद इसे लागू करने की कार्रवाई करेंगे।









