
बागेश्वर के कांडा तहसील के तिपोला गांव में बुधवार को एक दर्दनाक अग्निकांड हुआ। मच्छरों से जानवरों को बचाने के लिए गोठ में जलाई गई आग ने विकराल रूप ले लिया और श्याम सिंह पिल्खवाल का दो मंजिला मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
घर का सारा सामान नष्ट हो गया और एक भैंस भी झुलस गई। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया, जिससे अन्य घरों को बचाया जा सका। लगभग सात लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
बागेश्वर । कांडा तहसील क्षेत्र के तिपोला गांव में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक अग्निकांड हो गया। जानवरों को मच्छरों से बचाने के लिए गोठ में लगाई गई आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते दो मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। लकड़ी तथा तुन से बने पुराने मकान में आग तेजी से फैली तथा पूरा मकान जलकर राख हो गया।
घटना के समय तिपोला निवासी श्याम सिंह पिल्खवाल पुत्र नारायण सिंह पिल्खवाल अपनी पत्नी के साथ मनरेगा के कार्य में गए हुए थे। दोपहर लगभग 12 बजे मकान से धुआं उठता देख ग्रामीणों ने उन्हें सूचना दी।
गांव के लोगों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन मकान में सूखी लकड़ी तथा पुआल होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
इस हादसे में घर में रखा खाद्यान्न, बिस्तर, कपड़े तथा घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। गोठ यानी गोशाला में बंधी एक भैंस भी झुलस गई, हालांकि रस्सी जलने से वह बाहर निकल आई, जिससे उसकी जान बच गई।
पीड़ित के चार बच्चों में से कोई भी घटना के समय घर पर नहीं था। तीन बच्चे बागेश्वर में पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि एक बच्ची पड़ोस में खेलने गई थी, जिससे जनहानि टल गई।
सूचना मिलने पर थाना कांडा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तथा ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। पुलिस की तत्परता से आग को आसपास के अन्य मकानों तक फैलने से समय रहते रोक लिया गया।
पुलिस के अनुसार इस अग्निकांड में लगभग सात लाख रुपये का नुकसान का अनुमान है। इधर, पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सर्दियों के मौसम में आग जलाते समय तथा बिजली के उपकरणों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।









