Big Breaking:-उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव: 50 से अधिक अधिवक्ता बाहर, महिला प्रत्याशियों ने लगाए गंभीर आरोप

उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव की मतगणना जारी है, जिसमें 50 से अधिक अधिवक्ता सदस्य पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं। महिला प्रत्याशियों ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कोर्ट जाने की चेतावनी दी है, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

नैनीताल। उत्तराखंड बार काउंसिल के चुनाव के लिए मतों की गणना का क्रम 20 फरवरी से जारी है। गुरुवार शाम तक तक हुई मतगणना के बाद 50 से अधिक प्रत्याशी दौड़ से बाहर हो चुके हैं। इसमें बार काउंसिल के पूर्व पदाधिकारी व सदस्य शामिल हैं। मतगणना से तस्वीर उभरी है कि पहाड़ के जिलों के प्रत्याशियों की जीत का रास्ता लगभग बंद हो गया है।

गुरुवार को हल्द्वानी के चंद्रशेखर जोशी ने जीत के लिये तय मतों का कोटा हासिल कर लिया और उनकी जीत सुनिश्चित हो चुकी है। जोशी के बार काउंसिल सदस्य का चुनाव जीतने पर समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। नैनीताल क्लब में चल रही मतगणना को लेकर राज्य के अधिवक्ता समुदाय के साथ ही उनके करीबियों की उत्सुकता बनी हुई है।

गुरुवार को मतगणना की समाप्ति के बाद अब तक बार काउंसिल के चेयरमैन राकेश गुप्ता, बार काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य डीके शर्मा की जीत सुनिश्चित हो चुकी है। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर के दिवाकर पांडे, हरिद्वार के कुलदीप कुमार,

काशीपुर से पूर्व चेयरमैन हरि सिंह नेगी, पूर्व सचिव व हल्द्वानी के मेहरबान सिंह कोरंगा, हरिद्वार के सुखपाल सिंह, देहरादून के चंद्रशेखर तिवारी व राजबीर बिष्ट, देहरादून के रंजन सोलंकी, हल्द्वानी के राजन सिंह मेहरा दौड़ में हैं।

श्रीनगर गढ़वाल से पूर्व चेयरमैन अर्जुन सिंह भंडारी, देहरादून के एसएस पुंडीर, यूएस नगर के एए खान, काशीपुर के संदीप सहगल, हरिद्वार के मुन्फैत अली व सुभाष त्यागी, अल्मोड़ा के महेश चंद्र, यूएस नगर के एस शर्मा, नैनीताल के नीरज साह, देहरादून के वाइएस तोमर, बार काउंसिल आफ इंडिया के पूर्व सदस्य विजय भट्ट,

नैनीताल के एनएस कन्याल, देहरादून के राकेश नेगी, देहरादून के संदीप कुमार, हरिद्वार के अमर पाल, देहरादून के पीआर चौहान, अनिल पंडित, पंचम सिंह, एमएम लाम्बा, सुरेंद्र मित्तल, शाहिद अली, आलोक घिल्डियाल, जीएस थापर, एम सिंह, ए सिंह, दीपक कुमार, वीके जैमिनी भी दौड़ में बने हुए हैं। बार काउंसिल के सचिव विजय सिंह के अनुसार मतगणना पारदर्शिता के साथ की जा रही है।

महिला सदस्यों ने लगाया गड़बड़ी का आरोप, कोर्ट जाने की चेतावनी

उत्तराखंड बार काउंसिल में पहली बार 30 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा है। कुल 23 सदस्यों में पांच महिलाएं निर्वाचित, जबकि दो नामित होंगी। मतगणना में महिला सदस्य की दौड़ से बाहर प्रत्याशी शिवांगी गंगवार ने आरोप लगाया कि मतगणना में जनमत की उपेक्षा की गई। 50-60 प्रथम वरीयता वाली पांच महिला प्रत्याशियों को टाप फाइव मान लिया गया।

जबकि प्रथम के साथ ही द्वितीय-तृतीय व अन्य वरीयता के पांच-छह सौ मत मिलने के बाद उनको प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। उन्होंने 20 महिला प्रत्याशियों की मतगणना अलग से नहीं कराने पर कोर्ट की शरण में जाने की बात कही है।

गुरुवार को मतगणना स्थल नैनीताल क्लब में अधिवक्ता शिवांगी सहित देहरादून की नेहा जैन, रेनू पाल, प्रियंका रानी, सृष्टि तिवारी, काशीपुर की भावना वर्मा, हरिद्वार की रीमा शाहीन पहुंचीं और मतगणना सभागार के बाहर धरने पर बैठ नारेबाजी की। इसके बाद चुनाव अधिकारी बीडी उपाध्याय मौके पर पहुंचे और वार्ता की।

साथ ही गड़बड़ी से इन्कार करते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर से बार काउंसिल चुनाव के लिए बनाए ट्रिब्यूनल में जाने की सलाह दी। अधिवक्ता शिवांगी के अनुसार चुनाव अधिकारी की ओर से उनका प्रत्यावेदन स्वीकार किया गया है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से बार काउंसिल में आरक्षण के बाद भी उनको शुल्क में रियायत नहीं दी गई। एक स्वर में महिला आरक्षित सीटों की गणना कराने की मांग की है। बोलीं, न्याय नहीं मिला तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।

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