
अवैध निर्माणों के विरुद्ध एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग अभियान जारी
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण) द्वारा क्षेत्राधिकार में अनियमित एवं अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी है। प्राधिकरण का स्पष्ट उद्देश्य नियोजित विकास,







पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में आज सिटी फॉरेस्ट पार्क, तरला नागल, सहस्रधारा रोड के पीछे स्थित एक निर्माण स्थल पर कठोर कार्रवाई की गई।
प्रकरण में श्री विक्रमप्रताप सिंह द्वारा स्वीकृत तीन सिंगल ड्वेलिंग यूनिट के मानचित्रों को आपस में जोड़कर समस्त सेट-बैकों को प्रभावित करते हुए फ्लैटों का निर्माण किया गया।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि निर्माणाधीन भवन को पूर्व में सील किए जाने के पश्चात सील को ध्वस्त कर लगातार निर्माण कार्य जारी रखा गया, जो कि नियमों का घोर उल्लंघन है। उक्त गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आज निर्माण के अशमनीय भाग को ध्वस्त किया गया ।
एमडीडीए द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत मानचित्र से विचलन, सेट-बैक उल्लंघन, भूमि उपयोग परिवर्तन तथा सील तोड़कर निर्माण जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
प्राधिकरण ने आम नागरिकों, बिल्डरों एवं भू-स्वामियों से अपील की है कि निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें तथा निर्माण को स्वीकृत मानचित्र एवं भवन उपविधियों के अनुरूप ही करें।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई, सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आज देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई।
सूरज द्वारा चौहान मोहल्ला, मेहुवाला, देहरादून में किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण पर कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील किया गया।
मनीष गुरुंग द्वारा सिनोला फॉरेस्ट सप्लाई रोड, देहरादून में किए जा रहे निर्माण पर नियम विरुद्ध पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
अंकित आहूजा द्वारा इंजीनियर एन्क्लेव, जाखन, देहरादून में किए जा रहे निर्माण पर भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सील किया गया।
उपरोक्त सभी कार्रवाइयाँ संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में शशांक सक्सेना एवं शैलेंद्र सिंह रावत (सहायक अभियंता), सचिन तोमर (अवर अभियंता), उमेश वर्मा, ललित नेगी,
अभिजीत सिंह, संबंधित सुपरवाइजर एवं पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया का पालन किया गया।
एमडीडीए ने यह भी दोहराया कि अवैध निर्माण न केवल शहर की नियोजित संरचना को प्रभावित करते हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, जल निकासी, यातायात तथा आपदा जोखिम को भी बढ़ाते हैं। प्राधिकरण भविष्य में भी नियमित निरीक्षण, शिकायतों की त्वरित जांच तथा प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखेगा।
नागरिकों से अपेक्षा है कि वे नियमों का पालन कर शहर के सतत और सुरक्षित विकास में सहयोग करें।
उपाध्यक्ष, एमडीडीए- बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए का संकल्प है कि देहरादून क्षेत्र का विकास नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील तरीके से हो। स्वीकृत मानचित्र से विचलन, सेट-बैक उल्लंघन या सील तोड़कर निर्माण जैसे कृत्य कानून के प्रति अवहेलना हैं, जिन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। आज की कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि नियम तोड़ने वालों पर सख्ती होगी।
हम नागरिकों से अपील करते हैं कि निर्माण से पहले सभी अनुमतियाँ लें और भवन उपविधियों का पालन करें। प्राधिकरण पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी। शहर के हित में नियमों का पालन सभी की जिम्मेदारी है।
सचिव, एमडीडीए- मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण द्वारा सभी निर्माण प्रकरणों की तकनीकी और विधिक जांच के बाद ही कार्रवाई की जाती है। आज जिन स्थलों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण हुआ, वे स्पष्ट रूप से नियम विरुद्ध पाए गए। सील तोड़कर निर्माण करना गंभीर अपराध है।
एमडीडीए की टीम नियमित निरीक्षण कर रही है और उल्लंघन मिलने पर त्वरित कार्रवाई होगी। नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्माण से पूर्व स्वीकृति लें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें।









