केदारनाथ पैदल मार्ग पर शनिवार सुबह यात्रियों की आवाजाही तीन घंटे तक थमी रही।
चीरबासा के पास भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हिस्से के सुधारीकरण और चौड़ीकरण के बाद यात्रा फिर शुरू कराई गई।
केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर चीरबासा के समीप क्षतिग्रस्त हिस्से के सुधारीकरण और चौड़ीकरण के कारण शनिवार को सुबह छह से नौ बजे तक पैदल आवाजाही बंद रही। कार्य पूरा होने के बाद सुबह नौ बजे के बाद सोनप्रयाग से गौरीकुंड और केदारनाथ धाम के लिए यात्रियों की पैदल यात्रा शुरू कराई गई।
गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर ऊपर चीरबासा के पास पैदल मार्ग पिछले दिनों भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुआ था। दिन के समय यात्रियों की लगातार आवाजाही के चलते मार्ग सुधारीकरण और चौड़ीकरण में दिक्कत आ रही थी। यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मार्ग को चौड़ा और मजबूत करने के लिए सुबह के समय कार्य कराया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि चीरबासा में मार्ग सुधारीकरण के लिए सुबह छह से नौ बजे तक यात्रियों की आवाजाही रोकी गई थी।
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कार्य पूरा होने के बाद सुबह नौ बजे से सोनप्रयाग से यात्रियों को आगे भेजना शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। कोतवाली सोनप्रयाग के प्रभारी निरीक्षक सुरेश बलूनी ने बताया कि इस दौरान पुलिस की ओर से स्थानीय स्तर पर अनाउंसमेंट कर यात्रियों को मार्ग बंद रहने और यात्रा शुरू होने के समय की जानकारी दी गई।