
उत्तराखंड में नए वित्तीय वर्ष में ढाई लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनेंगी, जिससे उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक होगी।
देहरादून। उत्तराखंड में महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 2.5 लाख महिलाएं नये वित्तीय वर्ष में लखपति दीदी बनेंगी।
ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (रीप) की उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने यह लक्ष्य दिया।
राज्य में अभी तक 1.68 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यानी उन्हें सालाना एक लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी हो रही है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए परियोजना की 677.75 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को भी अनुमोदित किया गया।
मुख्य सचिव ने सचिवालय में हुई बैठक में कहा कि इस वर्ष को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में घोषित किया गया है।
इसे देखते हुए महिलाओं की आजीविका के सशक्तीकरण पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
उन्होंने समान कार्य प्रकृति वाले महिला स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उन्हें आजीविका एवं स्वरोजगार की दृष्टि से बेहतर सहयोग देने की रणनीति तैयार करने को भी कहा।
विशेषकर, लखपति दीदी योजना के अंतर्गत महिलाओं को विशेष वित्तीय, तकनीकी, पूंजीगत व संस्थागत प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की विस्तृत कार्ययेाजना बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों व हितधारकों के साथ समन्वय बैठकों के माध्यम से उनके मुद्दों को समझकर समाधान आधारित कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
उन्होंने रीप परियोजना से लाभान्वित महिलाओं को विभागीय और केंद्र व राज्य की योजनाओं से जोड़ने, सभी योजनाओं का समेकित विवरण संकलित करने, लाभार्थियों के आर्थिक व सामाजिक सशक्तीकरण को विभिन्न योजनाओं के साथ प्रभावी कन्वर्जंस सुनिश्चित करने, ग्रामीण परिवारों के उत्थान को ठोस योजना बनाने को गहन होम वर्क के निर्देश भी दिए।
अनुपयोगी ग्रोथ सेंटर होंगे सक्रिय
मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए 70 ग्रोथ सेंटर में ऐसे सेंटर की पहचान के निर्देश दिए, जिनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
साथ ही इन्हें सक्रिय करने और हाउस आफ हिमालयाज के माध्यम से प्रभावी उपयोग में लाने के लिए ठोस योजना बनाने को कहा।
कार्ययोजना व बजट को अनुमोदन
ग्राम्य विकास सचिव डीएस गर्ब्याल ने नये वित्तीय वर्ष के लिए रीप की वार्षिक कार्ययोजना और बजट पर प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में इसे अनुमोदित कर दिया गया।
वार्षिक कार्ययोजना के तहत स्वरोजगार, आजीविका संवर्द्धन, आय सृजन, स्थानीय संसाधन विकास, कृषि व सहायक गतिविधियों को प्रोत्साहन संबंधी कार्यों को वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
बैठक में अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत, नवनीत पांडेय, झरना कमठान समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।









