
शनिवार और रविवार की छुट्टियों में मसूरी पर्यटकों से गुलजार रही, जिससे पर्यटन व्यवसायियों में खुशी है।
मसूरी। शनिवार और रविवार की छुट्टियों ने मसूरी को पर्यटकों से भर दिया। हालांकि, इस दौरान स्थानीय लोगों को भी जाम से जूझना पड़ा। दो दिनों तक बाजार और पर्यटन स्थलों पर रौनक बनी रही, जिससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर शिव मंदिर के पास बैली ब्रिज पर सुबह से ही दो किमी लंबा जाम लगा रहा, जिससे वाहनों को देहरादून से मसूरी पहुंचने में तीन घंटे का समय लग गया।
किंक्रेग से गांधी चौक, मोतीलाल नेहरू मार्ग और जीरो प्वाइंट पर भी जाम की स्थिति बनी रही। लाइब्रेरी चौक के पास कैंपटी टैक्सी स्टैंड के समीप 12 फरवरी को टूटा एनएच 707ए का पुश्ता एक महीने बाद भी नहीं बन पाया है, जिससे जाम की स्थिति और बिगड़ गई है।
लंढौर में गुरुद्वारा चौक से मलिंगार तक जाम की स्थिति बनी रहती है। पिछले निर्णय के बावजूद लाल टिब्बा क्षेत्र से आने वाले वाहनों को टिहरी बाईपास मार्ग से नहीं भेजा जा रहा है।
शनिवार और रविवार को भट्टा फाल, कैम्पटी फाल, गनहिल, लाल टिब्बा, चार दुकान, कंपनी बाग और जार्ज एवरेस्ट पर्यटकों से भरे रहे।
मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को होटलों में 30 से 40 प्रतिशत, शनिवार को 50 से 60 प्रतिशत और रविवार को 30 से 35 प्रतिशत आक्युपेंशी रही।









