Big Breaking:-अल्मोड़ा में वनाग्नि से निपटने को 550 फायर वाचर तैनात, 184 आपदा मित्र भी देंगे साथ

अल्मोड़ा में गर्मियों में जंगल की आग रोकने के लिए प्रशासन और वन विभाग ने तैयारियां की हैं। 147 क्रू स्टेशनों पर 550 फायर वाचर तैनात किए गए हैं। राजस्व, लोक निर्माण विभाग और फायर ब्रिगेड भी सहयोग करेंगे।

184 प्रशिक्षित आपदा मित्र भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जल स्रोतों का उपयोग कर आग बुझाने की रणनीति बनाई गई है, जिसमें जल संस्थान भी मदद करेगा।

अल्मोड़ा । गर्मी के मौसम में जंगलों को आग से बचाने के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। फायर सीजन को देखते हुए अल्मोड़ा वन विभाग की ओर से जिले में 147 क्रू स्टेशन स्थापित किए गए हैं,

जिनमें 550 फायर वाचरों की तैनाती की गई है। इस वर्ष सर्दियों में अपेक्षित बारिश नहीं होने के कारण जिले के कई क्षेत्रों में जंगलों में आग की घटनाएं सामने आने लगी हैं।

ऐसे में आने वाले गर्मी के मौसम में वनाग्नि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अल्मोड़ा वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि आग बुझाने के लिए राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, फायर ब्रिगेड, ग्राम प्रहरी और युवक मंगल दलों का भी सहयोग रहेगा, ताकि आग की घटनाओं पर समय रहते काबू पाया जा सके।

184 आपदा मित्र निभाएंगे अहम भूमिका


अल्मोड़ा : इस बार फायर सीजन में आपदा मित्र भी जंगलों की आग से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जिले में 184 आपदा मित्र वनाग्नि से निपटने का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। ये आपदा मित्र जिले की 11 तहसीलों में तैनात रहकर जंगलों पर पैनी नजर रखेंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने का कार्य भी करेंगे।

जल स्रोत बनेंगे आग बुझाने में सहायक


अल्मोड़ा : ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी के कारण जंगल की आग बुझाने में अक्सर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए इस बार ग्रामीण इलाकों में मौजूद प्राकृतिक जल स्रोतों समेत अन्य का उपयोग आग बुझाने के लिए किया जाएगा। इस कार्य में जल संस्थान की ओर से वन विभाग को पानी की आपूर्ति के लिए सहयोग किया जाएगा।

फायर सीजन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वन विभाग के साथ राजस्व, लोक निर्माण विभाग और फायर ब्रिगेड भी वनाग्नि की घटनाओं में पूरा सहयोग करेंगे। –

प्रदीप धौलाखंडी, प्रभागीय वनाधिकारी, सिविल सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा

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