
धामी सरकार उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे को मजबूत कर रही है। 2025-26 में 7000 किमी से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त की गईं, जिस पर 400 करोड़ खर्च हुए। 819 पंचायत भवनों का निर्माण/पुनर्निर्माण हुआ।
गैरसैंण, (देहरादून)। उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए धामी सरकार तेज प्रयास कर रही है। पंचायत भवनों के निर्माण से लेकर सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने और धार्मिक स्थलों तक रोपवे नेटवर्क विकसित करने तक कई मोर्चों पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सरकार की पहल का उद्देश्य गांवों से लेकर तीर्थ स्थलों तक बेहतर संपर्क, सुविधाएं और विकास की नई राह तैयार करना है। प्रदेश में वर्ष 2025‑26 में 3,134 किमी सड़कों को मानसून से पहले और 4,149.17 किमी को मानसून के बाद गड्ढामुक्त किया गया।
राज्य सरकार की ओर से विधानसभा सत्र के दौरान जानकारी दी गई कि सरकार ने चार वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया है। राज्य में कुल 5867 पंचायत भवन हैं, जिनमें से 1134 भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पंचायतीराज विभाग ने अभियान चलाकर इन भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया, जिसमें बड़ी संख्या में भवनों का निर्माण पूरा किया जा चुका है और शेष पर काम जारी है।
7000 किलोमीटर से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त
सड़कों के मोर्चे पर भी विभाग ने तेजी से काम किया है। लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2025-26 में मानसून से पहले और बाद में मिलाकर सात हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त किया है। 3,134 किमी सड़कों को मानसून से पहले और 4,149.17 किमी को मानसून के बाद गड्ढामुक्त किया गया।
अकेले हरिद्वार जिले में 313 किमी से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त की गईं। गड्ढामुक्त अभियान पर 400 करोड़ का खर्च किया। इससे आवागमन सुगम होने के साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
कई रोपवे परियोजनाओं से पर्यटन की राह आसान
पर्यटन व तीर्थ यात्राओं को सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य में कई रोपवे परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है। कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर तक रोपवे का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि पूर्णागिरी, यमुनोत्री, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए भी रोपवे परियोजनाएं विभिन्न चरणों में आगे बढ़ रही हैं। इन परियोजनाओं से यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
खास बिंदु
- वर्ष 2025‑26 में 3,134 किमी सड़कों को मानसून से पहले और 4,149.17 किमी को मानसून के बाद गड्ढामुक्त किया गया।
- अकेले हरिद्वार जिले में 313 किमी से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त की गईं। गड्ढामुक्त अभियान पर 400 करोड़ का खर्च किया।









