
बनभूलपुरा रेलवे भूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए। उन्होंने 8 फरवरी की हिंसा का जिक्र करते हुए दंगाइयों की पहचान पर जोर दिया।
हल्द्वानी। बनभूलपुरा में रेलवे भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि पीएम आवास योजना को लेकर आपराधिक रिकार्ड की जांच भी होनी चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को इस संबध में अवगत करा दिया गया है। जल्द मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी बात की जाएगी। दो साल पहले शहर को दंगे की आग में झोंकने वाले लोगों को प्रक्रिया के दौरान चिन्हित करना जरूरी है।
बुधवार को मीडिया से बातचीत में मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने बताया कि निकाय चुनाव के दौरान उन्होंने कहा था कि दमुवाढूंगा के लोगों को मालिकाना हक दिलाने के लिए सरकार के माध्यम से हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस दिशा में काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में रेलवे सुविधाओं का विस्तार बड़ा मुद्दा था। इसलिए सुप्रीम सुनवाई के दौरान निगम ने सभी अहम दस्तावेज भी जुटाए थे।
मेयर बिष्ट ने कहा कि आठ फरवरी 2024 को बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए पथराव और आगजनी की घटना को शहर के लोग अब भी नहीं भूले। यह पुरानी घटना सुनियोजित साजिश का नतीजा थी। जिसके बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में दंगे के आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।
19 मार्च से पीएम आवास योजना को लेकर सर्वे का दौर शुरू होगा। योजना को लेकर आपराधिक रिकार्ड भी चेक होना चाहिए। इसके लिए दूसरे राज्यों की पुलिस का रिकार्ड भी खंगालने की जरूरत है। जल्द सीएम से भी इस संबंध में वार्ता की जाएगी।








