Big Breaking:-उधार लिए रुपए न लौटाने पड़े, इसलिए करीबी दोस्‍त बना दरिंदा; नशे की ओवरडोज देकर ली साहिल की जान

हरिद्वार में साहिल की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने उसके दोस्त आर्य गिरी को गिरफ्तार किया है। आर्य ने डेढ़ लाख रुपये का कर्ज न चुकाने के लिए साहिल को स्मैक और एविल का इंजेक्शन मिलाकर ओवरडोज दी,

जिससे उसकी मौत हो गई। 24 दिसंबर को लापता हुए साहिल का शव 30 दिसंबर को गंगनहर किनारे मिला था। आरोपित ने परिवार और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।

हरिद्वार। रायवाला हरिपुर कलां निवासी साहिल की हत्या उसके ही करीबी दोस्त आर्य गिरी ने नशे की ओवर डाेज देकर की थी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि उधार के डेढ़ लाख रुपये न लौटाने पड़े,

इसलिए आर्य ने स्मैक और एविल का इंजेक्शन मिलाकर साहिल को दे दी। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर तीसरे दिन हत्याकांड का पर्दाफाश कर लिया।

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि हरिपुर कलां, शांति मार्ग निवासी दीपक भदौरिया ने 27 दिसंबर को ज्वालापुर कोतवाली में अपने बेटे सहजल उर्फ साहिल भदौरिया की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

परिवार का कहना था कि सहजल उर्फ साहिल भदौरिया 24 दिसंबर को घर से किसी दोस्त के साथ लाल पुल ज्वालापुर आया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवक की तलाश शुरू की।

30 दिसंबर गंगनहर के पास झाड़ियों से मिले साहिल के शव को लेकर स्वजन ज्वालापुर कोतवाली पहुंचे और हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। दूसरे दिन फिर स्वजनों और क्षेत्रवासियों ने कोतवाली का घेराव करते हुए हत्यारोपितों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर नए सिरे से जांच की। जिसकी जांच वरिष्ठ उपनिरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार को सौंपी गई।

कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने हर एंगल से इस मामले की पड़ताल की। मुखबिर की सूचना पर एक पुलिस टी ने आरोपित आर्य गिरी निवासी दुर्गा घाट, शमशान घाट रोड,

खड़खड़ी, हरिद्वार को पुराना रानीपुर मोड़ रेलवे अंडरपास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि सहजल से उसकी पुरानी दोस्ती थी। पहले कपड़ों के व्यापार में साझेदारी भी कर चुके थे। दोनों नशे के आदी थे और अक्सर स्मैक व एविल का इंजेक्शन लेते थे।

आरोपित ने बताया कि उसे सहजल को डेढ़ लाख रुपये लौटाने थे। इसी से बचने के लिए उसने स्मैक और एविल मिलाकर हेवी डोज तैयार की। पहले खुद थोड़ी डोज ली। यह जानते हुए कि इतनी अधिक मात्रा उसकी जान ले लेगी, बाकी पूरी डोज सहजल को लगा दी।

नशे के असर में सहजल झाड़ियों में गिर पड़ा। आरोपित को यकीन हो गया कि उसकी मौत हो जाएगी, जिसके बाद वह सहजल की स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया। आरोपित की निशानदेही पर एविल का खाली इंजेक्शन, सुंई, रेफर आदि सामान बरामद हुआ। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस और परिवार को किया गुमराह

आरोपित ने घटना के बाद साहिल के परिवार के साथ ही पुलिस को भी गुमराह किया। साहिल उर्फ सहजल घर नहीं पहुंचा तो स्वजन उसके घर पहुंचे। तब आर्य ने सच्चाई नहीं बताई, बल्कि फर्जी कहानी सुनाते हुए स्कूटी की चाबी उन्हें सौंप दी। इसके बाद पुलिस को भी वह गुमराह करता रहा।

सीसीटीवी कैमरे की फुटेज आखिरी बार दोनों साथ नजर आने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस टीम में एसएसआई खेमेन्द्र गंगवार, रेल चौकी प्रभारी समीप पांडेय, कांस्टेबल अमित गौड व राजेश बिष्ट शामिल रहे।

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