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Big Breaking:-उत्तराखंड में आधे वाहन अब भी ट्रैकिंग सिस्टम से बाहर, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

उत्तराखंड में व्यावसायिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाने की योजना अधूरी है। केंद्र सरकार ने यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए इसे अनिवार्य किया है,

लेकिन अभी केवल 51% यात्री और 40% मालवाहक वाहनों में ही ये डिवाइस लगे हैं। परिवहन विभाग अब इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।

देहरादून। आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वाहनों की रियल टाइम निगरानी के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सभी प्रकार के सार्वजनिक और व्यावसायिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना अनिवार्य किया है।

यह व्यवस्था खास तौर पर महिलाओं, बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लागू की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वाहन की तुरंत पहचान और लोकेशन ट्रैक की जा सके। बावजूद इसके,

प्रदेश में इस महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन अब भी अधूरा है। अभी तक प्रदेश के केवल 51 प्रतिशत व्यावसायिक वाहनों में ही वीएलटीडी डिवाइस लग पाई है, जबकि शेष लगभग आधे वाहन अब भी इस दायरे से बाहर हैं।

केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार सभी पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों में वीएलटीडी और इमरजेंसी बटन अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, जिससे पुलिस और आपात सेवा एजेंसियों को संकट के समय तत्काल सूचना मिल सके। लेकिन, प्रदेश में इस आदेश के पालन अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पा रहा है।

अभी स्थिति यह है कि प्रदेश में इस समय 2,18,741 सक्रिय व्यावसायिक वाहन यात्री सेवा में लगे हुए हैं। इनके सापेक्ष अभी केवल 1,09,724 वाहनों में ही वीएलटीडी डिवाइस लग पाए हैं। वहीं,

इस समय 1,18,208 मालवाहक वाहन हैं इनमें से 46,685 वाहनों में ही वीएलटीडी डिवाइस लगे हुए हैं। यह कुल वाहनों का तकरीबन 40 प्रतिशत है। शेष वाहनों पर डिवाइस लगाए जाने की प्रक्रिया लंबित है।

देखा जाए तो अभी नए वाहनों में तो यह डिवाइस लग कर आ रहे हैं लेकिन पुराने वाहन इसके दायरे से बाहर हैं। सभी वाहनों में वीएलटीडी लगाने का प्रयास पूर्व में किया गया था लेकिन विभिन्न कारणों से इन्हें लगाना अनिवार्य नहीं किया जा सका है। अब केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही करने को कहा है।

इस कड़ी में परिवहन विभाग ने अब बड़े स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस के तहत वाहनों की जांच, वीएलटीडी इंस्टालेशन की निगरानी और नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वाहन मालिकों और चालकों को वीएलटीडी के महत्व के बारे में जागरूक भी किया जाएगा।

अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह का कहना है कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत अब सख्ती से वाहनों में वीएलटीडी लगाना सुनिश्चित किया जाएगा।

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