
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में सत्यापन के दौरान छह स्नातक/परास्नातक मार्कशीट और एक डिग्री जाली पाई गई हैं।
श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी)। विभिन्न विभागों में नौकरी कर रहे छह लोगों की स्नातक व परास्नातक की मार्कशीट और डिग्री संदिग्ध पाई गई है।
संबंधित विभागों ने इन मार्कशीट व डिग्रीयों को सत्यापन के लिए जब हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के परीक्षा अनुभाग को भेजा तो यह जाली पाई गईं।
विवि प्रशासन ने जांच में पाया कि संबंधित मार्कशीट विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निर्गत नहीं की गई है, जिस पर परीक्षा नियंत्रक ने इस मामले को लेकर श्रीनगर कोतवाली में लिखित तहरीर देकर मामले की जांच कर समुचित कार्रवाई के लिए कहा है।
गढ़वाल विश्वविद्यालय में फर्जी मार्कशीट व डिग्री का मामला प्रकाश में आया है। सत्यापन के लिए आई छह मार्कशीट जाली पाई गई हैं। जांच में एक उपाधि भी जाली प्रतीत हो रही है।
बताया जा रहा है कि विभिन्न विभागों में अलग-अलग पदों पर कुछ वर्षों से नौकरी कर रहे कुछ लोगों के स्नातक, परास्नातक की मार्कशीट और डिग्री को लेकर संदेह जताया गया।
इस शंका को दूर करने के लिए संबंधित विभागों ने इन्हें सत्यापन के लिए गढ़वाल विवि को भेजा। यहां, परीक्षा अनुभाग द्वारा गहनता से जांच की गई तो यह सभी अंकपत्र व डिग्री जाली पाई गई हैं।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि कोई गिरोह सक्रिय है, जो उच्च शिक्षण संस्थानों व विवि की फर्जी मार्कशीट व डिग्री बनाने का काम में जुटा है।
इधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए गढ़वाल विवि प्रशासन ने कोतवाली श्रीनगर में परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस चौहान ने लिखित तहरीर दे दी है।
इस संबंध में गढ़वाल विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस चौहान ने बताया कि कुछ विभागों ने 6 अभ्यर्थियों के स्नातक, परास्नातक की अंकतालिका व डिग्री सत्यापन के लिए भेजी थी।
जांच में मार्कशीट व एक डिग्री में संदेह पाया गया है। अन्य भी कई विसंगतियां मिली हैं, जिससे यह, गढ़वाल विवि के किसी भी कैंपस से जारी होना प्रतीत नहीं होती हैं। यह मार्कशीट व डिग्री जाली हैं, इसलिए जांच के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है।
वहीं, दूसरी तरफ कोतवाल कुलदीप सिंह नेगी ने बताया कि गढ़वाल विवि से तहरीर मिली है, जिसमें फर्जी मार्कशीट व डिग्री जांच की बात कही गई है।









