
बीआरओ ने व्यास घाटी में आदि कैलास यात्रा मार्ग को फरवरी में ही खोलकर अदम्य साहस दिखाया है। भारी बर्फबारी और माइनस 15 डिग्री तापमान के बावजूद, 65 आरसीसी ग्रिफ ने युद्ध स्तर पर बर्फ हटाई।
गूंजी से ज्योलिंगकांग तक मार्ग अब सुचारू है, जिससे सीमांत ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी। यह मार्ग आमतौर पर अप्रैल-मई में खुलता था, लेकिन बीआरओ की मुस्तैदी से इस बार जल्दी खुला।
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने विषम परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय देते हुए व्यास घाटी स्थित आदि कैलास यात्रा मार्ग को फरवरी माह में ही यातायात के लिए सुचारू कर दिया है। भारी बर्फबारी के कारण यह मार्ग पिछले महीनो से बंद पड़ा था।
23 जनवरी को हुई बर्फबारी से गूंजी से ज्योलिंगकांग तक करीब आठ से दस फीट बर्फ जम गई थी। बीआरओ की 65 आरसीसी ग्रिफ ने ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल अखिल कौशल के नेतृत्व में युद्ध स्तर पर बर्फ हटाने का कार्य आरंभ हुआ ।
शून्य से 10 से 15 डिग्री नीचे तापमान में जवानों और बीस से अधिक स्थानीय मजदूरों ने पांच लोडर मशीनों की मदद से दिन-रात काम किया।
कमांडर 765 बीआरटीएफ कर्नल प्रशांत सिंह ने बताया कि रविवार को कुटी से ज्योलिंगकांग तक बीस किलोमीटर सड़क से बर्फ हटाकर मार्ग खोल दिया गया है। इससे पूर्व गूंजी से कुटी तक सोलह किलोमीटर सड़क खोली जा चुकी थी।
कुटी के ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि पहले यह मार्ग शीतकाल में महीनों बंद रहता था लेकिन अब बीआरओ की मुस्तैदी से ग्रामीण आवश्यक कार्य होने पर अपने गांव जा सकेंगे। सीमांत क्षेत्र के लोगों ने इस कार्य के लिए बीआरओ का आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि बीते वर्षों तक यह मार्ग अप्रैल अंत या मई माह तक खुलता था। यह भी माना जा रहा है कि अभी पुरानी बर्फ हटने के बाद अब आगे बर्फबारी होने पर मार्ग से जल्दी बर्फ हट सकेगी।









