Big Breaking:-Budget 2026: ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं को मिलेगी रफ्तार, मिलेगी 3500 करोड़ के अलावा अतिरिक्त राशि

केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन की अवधि 2028 तक बढ़ने और केंद्रीय बजट में 67670 करोड़ के प्रावधान से उत्तराखंड में ग्रामीण पेयजल योजनाओं को गति मिलेगी।

राज्य को बकाया 3500 करोड़ के साथ अतिरिक्त धनराशि भी मिलेगी। इससे 14,979 गांवों के 14.48 लाख घरों को नल से जल पहुंचाने के कार्य में तेजी आएगी और रखरखाव का ढांचा मजबूत होगा।

देहरादून। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर को नल से जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन में अब पेयजल योजनाओं के निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी।

मिशन की समय सीमा वर्ष 2028 तक बढ़ने और केंद्रीय बजट में इसके लिए 67670 करोड़ के प्रविधान से यह उम्मीद जगी है। अब राज्य को मिशन की बकाया 3500 करोड़ रुपये की राशि के अलावा अतिरिक्त धनराशि भी मिल सकेगी।

गांवों के 14,48,373 घरों को नल से जल उपलब्ध कराने का निश्चय किया गया।

मिशन के आंकड़ों के अनुसार अभी तक 97.92 घरों को पेयजल संयोजन से जोड़ा जा चुका है। यद्यपि, गांवों को पेयजल मुहैया कराने के लिए पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है।

इसमें विभिन्न योजनाओं की 3500 करोड़ की राशि अभी केंद्र से मिलनी बाकी है। मिशन की अवधि 2028 तक बढ़ाए जाने के केंद्र के निर्णय के बाद मिशन में राज्य के कुछ अन्य गांवों व बसावटों को भी शामिल किया गया है।

अब जबकि केंद्र ने मिशन के लिए बजट प्रविधान कर दिया है तो इससे बकाया राशि के साथ ही अतिरिक्त राशि भी राज्य को मिलेगी। इससे पेयजल योजनाओं के निर्माण को गति मिलने के साथ ही रखरखाव की दृष्टि से सशक्त ढांचा तैयार हो सकेगा।

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