
केंद्रीय बजट 2026 में प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास स्थापित करने का प्रावधान उत्तराखंड में बालिका शिक्षा को मजबूत करेगा, जिससे ड्रॉपआउट दर कम होगी। पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप छात्रों को उद्योग-तैयार बनाएंगी।
शिक्षा बजट में वृद्धि से समग्र शिक्षा को लाभ मिलेगा। ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ समिति और एआई-आधारित तकनीकी शिक्षा युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगी, जिससे राज्य का शैक्षिक और आर्थिक विकास होगा।
देहरादून। केंद्रीय बजट में देश के प्रत्येक जनपद में एक-एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रविधान होने से उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में बालिका शिक्षा को मजबूती मिलेगी और छात्राएं विद्यालय दूर होने के कारण बीच में ही पढ़ाई नहीं छोड़ेंगी।
जिससे राज्य में ड्रापआउट का प्रतिशत भी घटेगा। साथ ही पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित होने से राज्य के शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थी इंडस्ट्री-रेडी बनेंगे। देश के शिक्षा बजट में 8.27 प्रतिशत की वृद्धि होने से राज्य को मिलने वाले केंद्रपोषित योजना समग्र शिक्षा के बजट में 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
केंद्र सरकार के प्रस्तावित ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ नामक स्थायी समिति उत्तराखंड के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
इससे राज्य न केवल शैक्षिक रूप से सशक्त होगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। राज्य के 45 राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों में देशभर के करीब पांच लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
एवीजीसी कंटेंट लैब का मिलेगा लाभ
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ क्रिएटिव टेक्नोलाजी के सहयोग से देशभर के 15,000 विद्यालयों और 500 कालेजों में एवीजीसी कंटेंट लैब स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही डिजिटल नालेज ग्रिड की स्थापना से राज्य के छात्रों को उच्च गुणवत्ता की डिजिटल शिक्षा सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
स्टेम आधारित आधुनिक लैब से लैस होंगे स्कूल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। राज्य के स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में आधुनिक लैब और शोध सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
वर्तमान में यूकास्ट की ओर से राज्य के 95 विद्यालयों में स्टेम लैब स्थापित की जा चुकी हैं, जिनकी संख्या इस वर्ष दोगुनी होने की संभावना है। राज्य में 1385 राजकीय इंटर कालेजों में 90 प्रतिशत पहाड़ों में हैं। जहां स्टेम लैब की उपयोगिता बहुत अधिक है।
तकनीकी शिक्षा और एआई से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
स्थायी समिति विकास, रोजगार और निर्यात की दृष्टि से अधिक संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान कर उन पर विशेष फोकस करेगी।
इससे उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा संस्थानों यूटीयू के छह कैंपस कालेज, 71 पालीटेक्निक और 69 आइटीआइ में पढ़ने वाले हजारों छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और अन्य उभरती तकनीकों में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
‘प्रमुख औद्योगिक और लाजिस्टिक कारिडोर के आसपास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित किए जाने का केंद्रीय बजट में प्रविधान किया गया है, जिससे शिक्षा, उद्योग और रोजगार के बीच सीधा संबंध स्थापित होगा। इससे राज्य के हजारों युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। मोदी सरकार की यह पहल आने वाले समय में युवाओं को वरदान साबित होगी।’
– सुरेखा डंगवाल, कुलपति, दून विवि
एक नजर
- राजकीय विद्यालय : 13,898
- निजी विद्यालय : 5396
- सरकारी व निजी विवि : 45
- स्ववित्तपोषित कालेज : 381
- पालीटेक्निक संस्थान : 71
- आइटीआइ : 69
- इंजीनियरिंग कालेज : 28
‘जन-कल्याणकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण काे बधाई। राज्य के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि केंद्रीय बजट के अनुरूप राज्य स्तर पर ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि प्रदेशवासियों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।’
– डा.धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री उत्तराखंड








